Pm Narendra Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर इस बार एक दीये की काफी चर्चा है। बीजेपी ने लोगों से 17 सितंबर की शाम 6 से 7 बजे के बीच ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की थी। लेकिन कहानी सिर्फ जन्मदिन तक सीमित नहीं है। इसके पीछे मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर को भी जोड़ा गया है। 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। अब 7 अक्टूबर 2026 को उस सफर के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं।
25 साल पहले गुजरात से शुरू हुई कहानी
मोदी के इस सफर की शुरुआत गुजरात से हुई थी। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला। इसके बाद वह 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने और फिर लगातार केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका में रहे। बीजेपी अब इसी 25 साल के सफर को इस साल के जन्मदिन से जोड़कर लोगों के सामने रख रही है।
जन्मदिन पर क्यों जलाया गया दीया
‘आशीर्वाद का दीया’ इसी कड़ी का एक हिस्सा है। बीजेपी ने लोगों से अपील की थी कि वे शाम 6 से 7 बजे के बीच अपने घरों में दीया जलाएं। पार्टी के मुताबिक इसका मकसद पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करना था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी योजनाओं का फायदा पाने वाले परिवारों से भी इसमें शामिल होने की अपील की गई थी।
एक दिन नहीं, पूरे महीने का कार्यक्रम
मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ एक दिन का नहीं है। बीजेपी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की बात कही है। इसमें रक्तदान, सफाई अभियान, पेड़ लगाने, पदयात्रा और बाइक रैली जैसे कई कार्यक्रम रखे गए हैं। इस पूरे अभियान के जरिए मोदी के 25 साल के सफर और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
काशी से वडनगर तक जुड़ी खास कड़ी
इस बार मोदी के सफर से जुड़े दो शहर भी खास चर्चा में हैं-वडनगर और वाराणसी। वडनगर मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनकी लोकसभा सीट है। 17 सितंबर को दोनों जगहों से बाइक यात्राओं की शुरुआत की जा रही है। वाराणसी से वडनगर जाने वाली यात्रा में 250 बाइक और 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।
मोदी ने खुद दीये पर कही ये बात
इस पूरे कार्यक्रम के बीच पीएम मोदी ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ पर प्रतिक्रिया दी है। 17 सितंबर को उन्होंने कहा कि यह प्यार और आशीर्वाद उन्हें खास तौर पर छू गया। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का हर आशीर्वाद उन्हें देश के लोगों की सेवा के लिए और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा देता है। इस तरह इस बार का ‘आशीर्वाद का दीया’ सिर्फ जन्मदिन से जुड़ा कार्यक्रम नहीं है। बीजेपी ने इसे मोदी के गुजरात से शुरू हुए 25 साल के राजनीतिक सफर और उससे जुड़े महीनेभर के कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया है।