वैभव सूर्यवंशी इस समय सिर्फ टीम इंडिया के नहीं बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। भारत से लेकर विदेश तक क्रिकेट विशेषज्ञ उनकी बल्लेबाजी और प्रतिभा की चर्चा कर रहे हैं। कम उम्र में जिस तरह उन्होंने बड़े मंचों पर प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर वैभव में ऐसा क्या है जो उन्हें हजारों खिलाड़ियों से अलग बनाता है?
वसीम जाफर ने बताई खासियत
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर लंबे समय से वैभव को मार्गदर्शन देते रहे हैं। जाफर का मानना है कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी सीखने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट की जो बातें उन्होंने कई खिलाड़ियों को सिखाईं, वही बातें वैभव को भी बताईं। फर्क सिर्फ इतना रहा कि वैभव ने उन बातों को बहुत जल्दी समझा और तुरंत अपने खेल में उतार लिया। यही गुण उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
सीख को तुरंत अपनाते हैं
वसीम जाफर के मुताबिक क्रिकेट में सिर्फ सलाह मिलना काफी नहीं होता, उसे सही समय पर लागू करना भी जरूरी होता है। वैभव की खास बात यही है कि वह हर सुझाव को गंभीरता से लेते हैं और उसे मैदान पर दिखाते भी हैं। यही वजह है कि कम उम्र में ही उनके खेल में लगातार सुधार दिखाई देता है और वह तेजी से आगे बढ़ते जा रहे हैं।
कोच ने बताया ईश्वर का आशीर्वाद
वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा का मानना है कि मेहनत और क्रिकेटिंग समझ के अलावा उनके अंदर कुछ ऐसा भी है जिसे सिर्फ प्रतिभा नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि हजारों बच्चों को क्रिकेट सिखाया जाता है, लेकिन हर खिलाड़ी वैभव जैसा नहीं बनता। उनके अनुसार वैभव के अंदर एक प्राकृतिक क्षमता है, जो उन्हें अलग स्तर का खिलाड़ी बनाती है।
मेहनत के साथ खास सोच
मनीष ओझा ने कहा कि मेहनत हर खिलाड़ी करता है, लेकिन बड़े खिलाड़ी वही बनते हैं जिनके अंदर खेल को समझने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता होती है। वैभव में यह गुण बचपन से दिखाई देता रहा है। यही वजह है कि उन्होंने हर स्तर पर तेजी से सफलता हासिल की और लगातार नए रिकॉर्ड बनाए।
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भविष्य को लेकर बढ़ी उम्मीदें
वैभव सूर्यवंशी अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं, लेकिन जिस तरह के प्रदर्शन और मानसिकता का परिचय उन्होंने दिया है, उससे क्रिकेट जगत को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। उनके कोच और वसीम जाफर दोनों मानते हैं कि अगर यही सीखने की भूख और मेहनत जारी रही, तो आने वाले वर्षों में वैभव क्रिकेट की दुनिया में और बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।