मेरठ। पति की हत्या में कोर्ट ने पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। टीपी नगर थाना प्रभारी अरुण कुमार मिश्रा ने बताया, 21 अक्टूबर 2017 को शिवपुरम निवासी दीया उर्फ दीपा ने अपने पति बाबूराम की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को बोरे में रखकर कबाड़ वाले कमरे में छिपा दिया था। दीया की निशानदेही पर शव बरामद करने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया था। दीया को जेल भेजने के बाद पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में हुई। उन्होंने बताया, एसएसपी अविनाश पांडेय ने ऑपरेशन कनविक्शन के तहत आरोपियों को कोर्ट में कड़ी से कड़ी सजा कराने के लिए प्रभावी पैरवी की आदेश दिए थे। मुकदमा की सुनवाई के दौरान उन्होंने, अभियोजन अधिकारी प्रेरणा वर्मा, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल विकास भाटी, महिला कांस्टेबल ज्योति ठाकुर, कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल अनमोल कुमार और मॉनिटरिंग सेल में प्रभावी पैरवी की और समय पर कोर्ट में गवाहों के बयान कराए। टीपी नगर थाना प्रभारी ने बताया, दोनों पक्षों के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर दीया उर्फ दीपा को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और तीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
दुष्कर्मी को दस साल की कठोर कारावास
मेरठ,लोकसत्य। पोक्सो कोर्ट ने दुष्कर्मी को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 29 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी केदार सिंह ने बताया, वर्ष 2016 में वादिया ने एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया था कि सुमित निवासी समसपुर आसिफाबाद गांव ने उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने 31 मार्च 2017 को आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। उन्होंने बताया, मुकदमे की सुनवाई न्यायालय स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-दो में हुई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल कन्हैया लाल ने नियत तिथि पर कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया, न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर सुमित को दोषसिद्ध पाते हुए दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 29 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।