प्रदेश के 39 जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण तेजी से प्रारंभ हो चुका है. ये स्कूल एक ही परिसर में प्री‑प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई की सुविधा प्रदान करेंगे. सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक जिले में एक-एक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय स्थापित किया जाए.
39 जिलों में निर्माण शुरू
प्रदेश के पहले चरण में 75 जिलों में से 39 जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि 10 अन्य जिलों में यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है. शेष जिलों में भूमि चयन और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.
हर स्कूल की लागत लगभग 30 करोड़
योजना के दूसरे चरण में भी हर जिले में एक अतिरिक्त कंपोजिट विद्यालय स्थापित किए जाने की योजना है. जिससे राज्य में कुल 150 मॉडल स्कूल तैयार होंगे. इनमें से प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर लगभग ₹25–30 करोड़ की लागत आएगी. हर स्कूल लगभग ₹30 करोड़ में बन रहा है.
ये होंगी सुविधाएं
प्रदेश के इन मॉडल स्कूलों का निर्माण 5 से 10 एकड़ के विशाल परिसर में हो रहा है, जो सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. प्रत्येक विद्यालय में लगभग 30 स्मार्ट क्लासरूम, एक डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला होंगी. इसके साथ—मिनी स्टेडियम, वर्कशॉप और कौशल विकास केंद्र, शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधा, वाई‑फाई, सीसीटीवी निगरानी, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की भी मजबूत व्यवस्था रहेगी. इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए सरकार ने छह प्रमुख निर्माण एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे कार्य में तेजी लाई जा सके .
कौन से 39 जिलों में निर्माण शुरू हो चुका है
बता दें कि सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बिजनौर, महाराजगंज, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, बलिया, ललितपुर, हमीरपुर, फिरोजाबाद, मैनपुरी,औरैया, फर्रुखाबाद, हरदोई, अमरोहा, जालौन, चित्रकूट, शाहजहांपुर, कौशांबी, मऊ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, चंदौली, गाजीपुर, कासगंज, रामपुर, बहराइच, भदोही, हाथरस, बदायूं में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है.