भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते के बाद रूसी कच्चे तेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह है कि क्या रूस से सस्ते तेल के आयात में कटौती का असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। NDTV Profit की रिपोर्ट और ब्लूमबर्ग के डेटा के आधार पर इस पूरे मामले को 5 अहम पॉइंट में समझते हैं।
रूसी तेल के आयात में कितनी कटौती
अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद भारत रूस से कच्चे तेल के आयात में करीब 50 प्रतिशत तक कटौती की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी में भारत रोजाना औसतन 12 लाख बैरल रूसी तेल खरीद रहा था, जो अप्रैल तक घटकर आधा हो सकता है। बीते एक हफ्ते से नयारा एनर्जी को छोड़कर सरकारी और निजी रिफाइनरियों ने रूस से नए स्पॉट कार्गो ऑर्डर देना रोक दिया है।
अमेरिका की शर्त और टैरिफ का खेल
व्हाइट हाउस के आदेश के अनुसार, भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल आयात कम करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके बदले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हटाने पर सहमति दी है। कंसल्टेंसी फर्म वंदा इनसाइट्स की फाउंडर वंदना हरि का मानना है कि ट्रेड डील का कुल आर्थिक फायदा, रूसी तेल पर मिलने वाले डिस्काउंट से कहीं ज्यादा होगा।
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अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत अपनी रणनीति बदलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के जोखिम से बचना चाहता है। 2024 में जहां भारत करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन रूसी तेल खरीद रहा था, अब आयात में कटौती कर वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखने पर जोर दिया जा रहा है।
रिफाइनरी कंपनियों की दुविधा
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने फिलहाल रूस से नए ऑर्डर रोक दिए हैं। रिफाइनरियों के सामने एक तरफ सस्ता रूसी तेल है, तो दूसरी तरफ अमेरिका के साथ ट्रेड डील के फायदे और राजनीतिक दबाव। नयारा एनर्जी, जिसे रूसी कंपनी रोजनेफ्ट का समर्थन है, सीमित विकल्पों के चलते करीब 4 लाख बैरल प्रतिदिन की खरीद जारी रख सकती है।
सरकार का भरोसा, कीमतें रहेंगी काबू में
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ कहा है कि केवल रूस से तेल आयात घटने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारत तेल आयात के स्रोतों में विविधता बनाए रखेगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में, सही कीमत पर और भरोसेमंद तरीके से ऊर्जा मिलती रहे।