Plastic Notes in India: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत में 30 जून 2026 तक कागज के नोट बंद कर प्लास्टिक करेंसी चलाने की योजना है। इस वीडियो में 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये और 10 रुपये के नोट बदलने की बात की जा रही है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित आवाज का भी इस्तेमाल किया गया है। इसका असर बाजार पर भी दिखने लगा और लोगों ने पुराने या बदहाल नोटों को लेना बंद कर दिया। इसके बाद रिजर्व बैंक को सामने आ कर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
PIB ने किया फैक्ट चेक
आपको बता दें कि इस अफवाह से केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाले प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (PIB) को सामने आना पड़ा। उसने रिजर्व बैंक के हवाले से Fact Check किया। प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की और इसे पूरी तरह फर्जी बताया है। रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि कागज के नोटों को वापस लेने या उनकी जगह प्लास्टिक के नोट जारी करने की फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।
पीआईबी ने लोगों से की अपील
पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि नोटों से जुड़ी किसी भी सही जानकारी के लिए केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी किसी भी खबर पर भरोसा न करें। साथ ही इस तरह के दावे को बिना जांचे-परखे शेयर न करें।
कहां करे शिकायत
पीआईबी ने लोगों से जागरूक नागरिक बनने की अपील की है। पीआईबी ने कहा कि अगर आपको सोशल मीडिया पर भारत सरकार या देश की करेंसी से जुड़ा कोई भी संदिग्ध दावा दिखाई देता है, तो आप उसकी शिकायत @PIBFactCheck पर कर सकते हैं।
क्या होते हैं प्लास्टिक के नोट और कहां चलते हैं
ऐसा नहीं है कि भारत प्लास्टिक के नोट चलाने वाला पहला देश है। दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, न्यूजीलैंड और वियतनाम में प्लास्टिक यानी पॉलीमर के नोट चलते हैं। बता दें, ये नोट आम प्लास्टिक या पन्नी के नहीं होते। ये एक खास तरह के प्लास्टिक 'पॉलीमर' से बनाए जाते हैं। इसलिए ये जल्दी खराब नहीं होते हैं। ये कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह जेब में रखा जाए और कपड़ा मशीन में धो लें तो भी नोट को कुछ नहीं होता है।