महाराष्ट्र की सियासत में NCP (शरदचंद्र पवार) के कांग्रेस में विलय की अटकलें तेज हैं। संजय राउत के सुझाव और नाना पटोले के दावे के बाद पार्टी के बड़े नेताओं ने इस पर खुलासा किया है। शिवसेना UBT सांसद संजय राउत ने कहा - "शरद पवार की NCP (SP) का कांग्रेस में विलय होना चाहिए और इस पहल का नेतृत्व खुद शरद पवार को करना चाहिए"।
नाना पटोले का खुलासा
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने दिल्ली रवाना होने से पहले दावा किया - "राष्ट्रवादी कांग्रेस के विलय का प्रस्ताव पहले ही शरद पवार की ओर से दिया जा चुका था। कुछ कारणों की वजह से उस पर निर्णय लेने में देरी हुई"। पटोले कांग्रेस हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। "पार्टी की ओर से कांग्रेस को विलय का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है और न ही कांग्रेस की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव आया है। सिल्वर ओक की बैठक में भी कांग्रेस में विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई"।
शरद पवार ने क्या कहा?
शरद पवार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद कहा,"वर्तमान में NCP के दोनों गुटों के विलय को लेकर कोई नई चर्चा नहीं हो रही है। अतीत में जरूर मेरे दिवंगत भतीजे अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, लेकिन अब ऐसी कोई बात नहीं है"। 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद विलय की सारी बातचीत रुक गई।
4 महीने से चल रही थी बात
शरद पवार ने खुद माना कि अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच 4 महीने से विलय पर चर्चा चल रही थी। 12 फरवरी को ऐलान होना था।8 फरवरी को था प्लान: सूत्रों के मुताबिक 8 फरवरी 2026 को बारामती या मुंबई में दोनों गुटों के एक होने का भव्य ऐलान होना था। अजित की मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने NCP की कमान संभाली और उपमुख्यमंत्री बनीं। जयंत पाटील ने कहा- "अब विलय की बातचीत खत्म हो गई है"।
कांग्रेस में विलय क्यों उठ रही बात?
नाना पटोले बोले - "देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संविधान को लेकर पैदा हुई चुनौतियों के मद्देनजर सेक्युलर विचारधारा वाले दलों को एक मंच पर आने की जरूरत है"। 5 मार्च 2026 को शरद पवार MVA के कैंडिडेट के तौर पर राज्यसभा गए। इसके बाद विलय की चर्चा खत्म होने की बात कही गई। NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे ने माना कि "विलय की बातचीत की जानकारी थी", पर "पार्टी महायुति में बनी रहेगी"।