कर्नाटक में CM बदलने की अटकलें फिर तेज हैं। 26 मई 2026 को दिल्ली में हुई हाई कमान की बैठक के बाद मामला गरमाया हुआ है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाई कमांड ने सिद्धारमैया को CM पद छोड़ने को कहा है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका और राज्यसभा सीट की पेशकश की गई है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि सिद्धारमैया 28 मई गुरुवार को इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने गुरुवार सुबह मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए बुलाया है। इसी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की भी चर्चा है।
राहुल गांधी ने मांगा इस्तीफा
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में 6 घंटे चली बैठक में राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से CM पद से इस्तीफा देने को कहा और राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने पहले इस्तीफा देने से इनकार किया। बोले,"अगर मुझे हटाया गया तो पार्टी टूटेगी, क्योंकि 50-60 विधायक मेरे साथ हटेंगे। मैं डीके शिवकुमार के नीचे काम नहीं करूंगा"। हालांकि कुछ समर्थकों से चर्चा के बाद सिद्धारमैया ने कहा कि वे हाईकमान का फैसला मानेंगे। 78 साल के सिद्धारमैया जनवरी 2026 में कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले CM बन चुके हैं।
बेटे के लिए डील?
चर्चा है कि सिद्धारमैया के बेटे को मंत्री बनाया जा सकता है। 2023 की जीत के बाद अनौपचारिक समझौता था कि सिद्धारमैया ढाई साल CM रहेंगे, उसके बाद शिवकुमार पद संभालेंगे। नवंबर 2025 में ढाई साल पूरे हो चुके हैं। शिवकुमार के समर्थक लगातार दावा कर रहे कि अब मौका उन्हें मिलेगा। दिल्ली में जब मीडिया ने पूछा कि क्या वो अगले CM बन रहे हैं, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, पर मुस्कुराए। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला तीनों नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में माने जा रहे हैं।
कोई बदलाव नहीं'
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अटकलों को खारिज किया। बोले:"कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई बात नहीं है। जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है"। बैठक राज्यसभा और MLC चुनावों पर थी। वेणुगोपाल के बयान के बाद ही सिद्धारमैया के इस्तीफे वाले अपडेट आए हैं। नेतृत्व जानता है कि अधिकतर विधायक सिद्धारमैया के साथ हैं। वे कांग्रेस के एकमात्र OBC CM भी हैं। पार्टी 2028 विधानसभा चुनाव के हिसाब से संगठन को नए सिरे से तैयार करना चाहती है। बगावत से बचने के लिए सावधानी से बदलाव करना चाहती है।
हाई कमान शिवकुमार को CM बनाना चाहता है और सिद्धारमैया पर इस्तीफे का दबाव है। 28 मई को तस्वीर साफ हो सकती है। हालांकि कांग्रेस सार्वजनिक तौर पर इनकार कर रही है। अगर बदलाव होता है तो रणदीप सुरजेवाला बुधवार को बंगलुरु जा सकते हैं सत्ता हस्तांतरण करवाने। फिलहाल सस्पेंस बरकरार है-इस्तीफा होगा या नहीं, ये सिद्धारमैया के 28 मई के स्टैंड पर तय होगा।