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एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से होने जा रही है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। क्रिकेट फैंस की सबसे ज्यादा निगाहें 14 सितंबर को होने वाले महामुकाबले पर टिकी हुई हैं, जब भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी आमने-सामने होंगे लेकिन अब इस मुकाबले के सीधे प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) पर संकट खड़ा हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-पाकिस्तान मैच के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है।
सांसद का पत्र केंद्रीय मंत्री को
प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि यह केवल एक सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक आम भारतीय नागरिक के तौर पर उनकी गहरी पीड़ा और चिंता है। उन्होंने कहा कि देश अभी भी इस साल पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले से उबर नहीं पाया है। इस हमले में कई जवान शहीद हुए थे और देश ने बड़ी क्षति झेली थी।
प्रियंका ने आगे कहा कि इस हमले के बाद भारत सरकार ने "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया था। यह अभियान पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त संदेश था। इसके तहत सरकार ने एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल भी विदेशों में भेजा था, ताकि दुनिया को यह बताया जा सके कि भारत आतंकवाद के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर चलता है। खुद प्रियंका इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी नीति का संदेश दे रही है, तो फिर भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले कराना इस नीति के विपरीत कैसे नहीं है? उनके अनुसार, ऐसा करना शहीदों के परिवारों और देश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाना होगा।
संसद में भी उठाई थी आवाज
पत्र लिखने से पहले प्रियंका ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने गृह मंत्री से अपील की थी कि भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप मुकाबले को रद्द किया जाए। प्रियंका का कहना था कि अगर गृह मंत्री चाहें तो एक फोन कॉल से आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) चेयरमैन को इस मैच को रद्द करने के लिए राजी किया जा सकता है।
क्रिकेट और राजनीति का टकराव
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से ही भावनाओं से जुड़े रहते हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा हालात बिगड़े होने के बावजूद, जब भी दोनों टीमें मैदान पर उतरती हैं, तो करोड़ों दर्शक टीवी पर इस मैच का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मगर इस बार हालात अलग हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान मैच का सीधा प्रसारण होना या न होना अब बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दा बन गया है।
केंद्र सरकार और आईसीसी पर टिकी सबकी निगाहें
अब सबकी नजरें केंद्र सरकार और आईसीसी पर हैं। अगर सरकार ने प्रियंका चतुर्वेदी की मांग को गंभीरता से लिया तो संभव है कि भारत-पाकिस्तान मैच का प्रसारण रोका जाए या मैच पर ही असर पड़ सकता है। वहीं अगर मैच प्रसारित होता है, तो यह विपक्षी दलों के लिए सरकार को घेरने का नया मुद्दा बन सकता है।
एशिया कप 2025 का भारत-पाकिस्तान मुकाबला केवल क्रिकेट मैच भर नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीति, सुरक्षा और भावनाओं से जुड़ा हुआ मामला बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार और क्रिकेट बोर्ड का रुख तय करेगा कि फैंस 14 सितंबर को टीवी पर "महामुकाबला" देख पाएंगे या नहीं।