मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक आर.श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा की कार्यवाही और फ्लोर टेस्ट में वोट डालने से रोक दिया है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर सीट से सिर्फ 1 वोट से जीत दर्ज की थीं। उन्हें 83,365 वोट मिले, DMK के के.आर. पेरियाकरुप्पन को 83,364। पेरियाकरुप्पन ने डाक मतों की गिनती में गड़बड़ी और 18 वोटों का अंतर बताकर HC में चुनौती दी।
HC का आदेश
जस्टिस एल.विक्टोरिया गौरी और एन. सेंथिलकुमार की बेंच ने अंतरिम रोक लगाई है। सेतुपति न शपथ ले सकते हैं, न विधानसभा में वोट कर सकते हैं, न अविश्वास प्रस्ताव में हिस्सा ले सकते हैं। अब मामला SC में है। TVK विधायक सेतुपति ने HC के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। SC बुधवार 13 मई 2026 को सुनवाई करेगा। संयोग से उसी दिन विजय सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करना है।
नंबर गेम, कुल सीट: 234 बहुमत का आंकड़ा: 118
TVK गठबंधन के पास सेतुपति रुके तो 120 विधायक हो जाएगी। सेतुपति के बिना भी विजय के पास 119 विधायक हैं, बहुमत से 1 ज्यादा। अकेले 108 सीटें मिलीं, जिनमें 2 पर विजय खुद जीते। एक सीट छोड़ने पर 107 विधायक बचे। अन्य दलों के समर्थन से आंकड़ा 121 तक पहुंचता है।
रिस्क क्या है?
अगर फ्लोर टेस्ट के दिन कोई क्रॉस वोटिंग हो गई या कोई और विधायक गैर-हाजिर रहा, तो 1 वोट की बढ़त खतरनाक हो सकती है। इसलिए TVK के लिए सेतुपति का वोट अहम है। SC अगर 13 मई को सुबह HC की रोक हटा देता है, तो सेतुपति वोट डाल पाएंगे और विजय की टेंशन खत्म होगी।
विजय को 4 मई को CM पद की शपथ दिलाई
कागज पर विजय के पास 119 विधायक हैं और बहुमत के लिए 118 चाहिए। फिलहाल पास होते दिख रहे हैं। लेकिन 1 वोट का मार्जिन है। सबकुछ SC के 13 मई के फैसले और फ्लोर टेस्ट में विधायकों की हाजिरी पर टिका है। विजय को 4 मई को CM पद की शपथ दिलाई गई थी और फ्लोर टेस्ट 13 मई यानि कल होगा।