हापुड़। गाजियाबाद से हापुड़ के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नमो भारत आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के दूसरे चरण के तहत इस रूट पर एक नया हाईस्पीड कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय घटकर मात्र 20 से 25 मिनट रह जाएगा, जो वर्तमान में लगभग 40 मिनट का है।
करीब 35 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित कॉरिडोर की जानकारी मोहल्ला श्री नगर निवासी सुमित अग्रवाल द्वारा मांगी गई सूचना के अधिकार के तहत सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर को फेज-2 प्लान में शामिल किया गया है। हालांकि अभी तक कॉरिडोर के सटीक रूट और स्टेशनों की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की सफल शुरुआत के बाद अब इस नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। दूसरे चरण में गाजियाबाद-हापुड़ के अलावा गाजियाबाद-खुर्जा और दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत जैसे महत्वपूर्ण रूट भी शामिल किए गए हैं। इस विस्तार का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
हाईस्पीड ट्रांजिट नेटवर्क तैयार होगा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी मिलने के संकेत दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में करीब 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान इन विस्तार योजनाओं के लिए किया गया है। इन नए कॉरिडोरों के विकसित होने से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के बीच एक मजबूत हाईस्पीड ट्रांजिट नेटवर्क तैयार होगा।
20 हजार लोगों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से सबसे अधिक लाभ रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को मिलेगा। अनुमान के अनुसार, हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन 20 हजार से अधिक लोग गाजियाबाद और दिल्ली की ओर काम, शिक्षा और व्यापार के लिए यात्रा करते हैं। फिलहाल इन यात्रियों को बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते हैं।
जाम के झाम से मिलेगी राहत
नमो भारत ट्रेन शुरू होने के बाद न केवल यात्रा तेज होगी बल्कि सड़क यातायात पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके साथ ही यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगी, क्योंकि हाईस्पीड ट्रेनें पारंपरिक वाहनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती हैं।
सीएम योगी भी दे चुके हैं इसकी जानकारी
इस कॉरिडोर का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका आर्थिक और पर्यटन प्रभाव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही गाजियाबाद से ब्रजघाट तक नमो भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। यदि यह योजना आगे बढ़ती है, तो ब्रजघाट जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।कुल मिलाकर, गाजियाबाद-हापुड़ नमो भारत कॉरिडोर न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा।