लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े शनिवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर लखनऊ पहुंचे। तावड़े का दौरा पूरी तरह संगठन और चुनावी रणनीति पर केंद्रित रहा। उन्होंने शुरुआत में ही साफ संदेश दिया कि स्वागत के नाम पर शक्ति प्रदर्शन, बड़े होर्डिंग और रोड शो की जगह संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना प्राथमिकता होगी।
लखनऊ पहुंचने के बाद तावड़े भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू किया। पहले चरण में प्रदेश संगठन की स्थिति, आगामी चुनाव की तैयारियों और जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता की समीक्षा की गई। इसके बाद अवध क्षेत्र से जुड़े नेताओं और जिला प्रभारियों के साथ संवाद कर क्षेत्रवार राजनीतिक स्थिति का फीडबैक लिया गया। दौरे में बैठकों के दो सत्र रखे गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, आरएसएस पदाधिकारियों तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से संवाद का कार्यक्रम भी शामिल है।
तावड़े की रणनीति का केंद्र ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ रहने वाला है। पार्टी के कमजोर और संवेदनशील बूथों की पहचान, वहां संगठन की सक्रियता बढ़ाने, मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क और कार्यकर्ताओं से नियमित फीडबैक लेने पर जोर रहेगा। एसआईआर से जुड़े बूथों की समीक्षा तथा सामाजिक समीकरणों को समझने के लिए जमीनी आंकड़े जुटाने पर भी पार्टी का ध्यान है।
2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने मजबूत वोट आधार को फिर से सक्रिय करने और नए सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने की है। तावड़े इसी दिशा में संगठन की कमजोर कड़ियां तलाशेंगे। पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय, जिला संगठन की सक्रियता और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति भी उनके एजेंडे में रहेगी।
तावड़े के पहले दौरे का संदेश स्पष्ट है। अब लखनऊ में स्वागत की राजनीति नहीं, जमीन पर संगठन की परीक्षा होगी। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरों से पहले तावड़े संगठन को चुनावी मोड में लाने की बुनियाद तैयार करेंगे।