पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बुधवार को नोएडा में एक ऐसी तकनीक शुरू की है कि गूगल मैप पर हर सड़क की स्पीड लिमिट लाइव दिखेगी। गाड़ी चलाते वक्त आपकी असली स्पीड और सड़क की अधिकतम स्पीड एक साथ दिखेगी। अगर आप तेज चले, तो मैप खुद चेतावनी देगा।
यह तकनीक कैसे काम करेगी?
आप गूगल मैप पर नेविगेशन ऑन करेंगे। जिस सड़क पर चल रहे हैं, उसकी अधिकतम स्पीड लिमिट (ट्रक के लिए 40, कार के लिए 60, बाइक के लिए 50) ऊपर लिखी दिखेगी। आपकी गाड़ी की असली स्पीड नीचे दिखेगी। अगर आप लिमिट से तेज चले, तो मैप लाल रंग में चेतावनी देगा। इससे ड्राइवर खुद-ब-खुद ब्रेक दबाएगा।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने क्या कहा?“ सबसे ज्यादा एक्सीडेंट तेज रफ्तार से होते हैं। हर सड़क की अपनी स्पीड लिमिट है। हम चाहते हैं कि ड्राइवर को पता चले कि वह सही स्पीड में है या नहीं। यह तकनीक चालक को खुद जागरूक बनाएगी। अगर सब नियम मानेंगे, तो खुद भी बचेंगे और दूसरों को भी बचाएंगे।”
गूगल इंडिया की रोली अग्रवाल बोलीं:“हमारा मकसद है कि लोग सुरक्षित और सही रास्ते से जाएँ। नोएडा पुलिस के साथ यह साझेदारी भारत में स्मार्ट और सुरक्षित सड़क परिवहन की नई शुरुआत है।”
यूपी पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण (ऑनलाइन जुड़े):“नोएडा पुलिस का यह कदम जनता के लिए है। यह तकनीक दुर्घटनाओं को जरूर कम करेगी। मैं लक्ष्मी सिंह और उनकी टीम को बधाई देता हूँ। गूगल और लेप्टन सॉफ्टवेयर की टीम को धन्यवाद।” यह तकनीक कब से चालू? आज से ही! नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी की सभी मुख्य सड़कों पर स्पीड लिमिट गूगल मैप पर दिखने लगी है।
जनता के लिए फायदा?
जागरूकता बढ़ेगी – बिना पुलिस के चालान के भी लोग धीरे चलेंगे।
चालान कम होंगे – जो सही स्पीड में चलेंगे, उन्हें डर नहीं।
जान-माल बचेगा – खासकर स्कूल, अस्पताल, बाजार वाली सड़कों पर।
कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र, यातायात डीसीपी प्रवीण कुमार सिंह, मनीषा सिंह,गूगल के नोबल प्रीत सिंह, लेप्टन सॉफ्टवेयर के सीईओ राजीव सर्राफ ,विभिन्न आरडब्ल्यूए, स्कूल व एनजीओ के प्रतिनिधि
आगे की योजना?
दिसंबर तक सभी छोटी सड़कों पर भी स्पीड लिमिट अपडेट।
स्कूल जोन में 30 किमी/घंटा, हाईवे पर 80 किमी/घंटा सख्ती से लागू।
ऐप में वॉइस अलर्ट भी जल्द आएगा – “धीरे चलें, बच्चे खेल रहे हैं!”
नोएडा पुलिस की अपील:
स्पीड लिमिट सिर्फ नियम नहीं, आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा है। गूगल मैप देखें, स्पीड चेक करें, और सुरक्षित घर पहुँचें।”
अब सड़क पर पुलिस नहीं, आपका फोन आपका ट्रैफिक पुलिस बनेगा!