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Iceland : आइसलैंड – खुशहाल देश बिना सेना के : दुनिया के लगभग हर देश में सुरक्षा के लिए सेना का होना सामान्य बात है, लेकिन आइसलैंड इस परंपरा से बिल्कुल अलग है. यह एक ऐसा देश है जिसके पास न तो सेना है, न ही भारी हथियारों का भंडार, फिर भी यह दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण और खुशहाल देशों में गिना जाता है. उत्तर अटलांटिक महासागर में बसा यह छोटा सा द्वीप राष्ट्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, सामाजिक एकता और उच्च जीवनस्तर के लिए प्रसिद्ध है.
आइसलैंड ने 1944 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद यह निर्णय लिया कि वह स्थायी सेना नहीं रखेगा। इसकी रक्षा का कार्य नाटो (NATO) और विशेष शांति समझौतों के तहत अन्य देशों, विशेष रूप से अमेरिका, के सहयोग से होता है। हालांकि, यहाँ तट रक्षक बल (Coast Guard) मौजूद है जो देश की सीमाओं और समुद्री सुरक्षा की देखभाल करता है. आइसलैंड की असली ताकत उसके नागरिकों की सोच और सामाजिक व्यवस्था में है। यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। सरकार अपने लोगों के कल्याण पर ध्यान देती है, न कि हथियारों की दौड़ पर। शायद यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र की “वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट” में आइसलैंड हर साल शीर्ष खुशहाल देशों में शामिल रहता है.
आइसलैंड हमें यह सिखाता है कि सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, न्याय और शांति की भावना से भी कायम की जा सकती है। यह देश इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब नागरिक एकजुट हों और सरकार पारदर्शी हो, तो बिना सेना के भी एक राष्ट्र मजबूत और खुशहाल रह सकता है.