मुजफ्फरनगर। गंग नहर किनारे दो दिन पूर्व मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। महिला के साथ अवैध संबंध रखने वाले इस युवक ने ही महिला को चाय में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर शव को गंग नहर में फेंकने का प्रयास किया था। लेकिन शव भारी होने के कारण वह पानी में न गिरकर नहर के किनारे अटक गया था। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त से हत्या में प्रयुक्त बैडशीट और रेहड़ा व अन्य सामान बरामद किया है।
खतौली के पुलिस क्षेत्राधिकारी रामाशीष यादव एवं प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी को थाना खतौली पुलिस को गंगनहर के किनारे एक अज्ञात महिला का शव पड़ा होने की सूचना प्राप्त हुई थी। मृतका की पहचान ममता पत्नी कृष्णपाल उर्फ कालिया निवासी मौहल्ला तगान होली चौक कस्बा खतौली के रूप में हुई थी। घटना के सम्बन्ध में मृतका के पति कृष्णपाल उर्फ कालिया द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर पुलिस ने बीएनएस में हत्या की धारा में अभियोग दर्ज किया था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए घटना के शीघ्र एवं सफल अनावरण हेतु थाना खतौली पुलिस, एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीमों का गठन किया गया था। गठित पुलिस टीम इस मामले में विवेचना करते हुए हत्यारोपी की पहचान करने में सफल रही थी और पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर खतौली गंग नहर पटरी दूध प्लांट वाले रास्ते पर संदीप नामदेव पुत्र वेदप्रकाश को गिरफ्तार कर उक्त सनसनीखेज घटना का शव बरामद होने के मात्र 30 घण्टे के अन्दर खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार सन्दीप भी खतौली के होलीचौक इलाके में पक्का बाग का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 बैडशीट, 01 रेहड़ा, मृतका का हैंडबेग जिसमें पहचान पत्र व अन्य सामान तथा एक नशीली टेबलेट बरामद की है।
रुपये ऐंठने के संदेह में कर दी महिला की हत्या
सीओ खतौली ग्रामाशीष यादव एवं प्रभारी निरीक्षक दिनेशचंद बघेल ने बताया कि प्रारम्भिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त संदीप ने बताया कि वर्ष 2012 में उसकी पत्नी की मृत्यु होने के बाद वह वर्मा टिफिन सेन्टर खतौली के यहां से टिफिन लेकर खाना खाया करता था। जिस कारण वह टिफिन सेन्टर वाले के यहां पर जाता रहता था। ममता वहां पर खाना बनाती थी। एक दिन उसने ममता से घर आकर खाना बनाने के लिए कहकर उसका मोबाइल नंबर ले लिया था। इसी बहाने से वह कभी कभी ममता से फोन पर बात कर लिया करता था। एक दिन ममता ने बताया कि उसका अपने पति से विवाद रहता है, वह चोरी छिपे घर आकर खाना बना दिया करेगी। इसके बाद ममता संदीप के घर आकर खाना बनाने लगी, सन्दीप के अनुसार उन दोनो के बीच शारीरिक संबंध भी बन गए, जिसकी ऐवजी मे ममता उससे कई बार पैसे भी लेकर गयी थी। इसके बाद मुझे जानकारी हुई की ममता कुछ अन्य लोगो से भी फोन पर बात करती है। मेरे पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसी कारण उनमें झगड़ा भी हो गया। सन्दीप ने पुलिस को बताया कि उसने अपना एक प्लाट 16 लाख रुपयों में बेचा था जिसके बारे में ममता को भी बताया था। 10 जनवरी को ममता ने संदीप से कहा कि उसे नाती के नामकरण हेतु रुपयों की जरूरत है। रुपए माँगने पर सन्दीप को लगा कि ममता उसे धोखा दे रही है तथा उसेसे पैसे ऐठना चाहती है। इसी कारण से उसने ममता को खत्म करने का प्लान बनाया।
शाम के समय जब उसकी ममता से दोबारा बात हुई तो संदीप ने उसे घर आकर पैसे ले जाने के लिए कहा। जैसे ही वो घर आयी तो उस समय सन्दीप घर में अकेला था उसने चाय बनाई तथा ममता की चाय में नींद की गोली मिला दी। जब लगा कि वह पूर्ण रुप से नशे मे हो गयी है तो संदीप ने उसके सीने पर चढकर उसके दोनो हाथों को अपने पैरो से दबाकर अपने दोनो हाथो से उसका मुँह व नाक जब तक दबाये रखे जब तक की उसने झटपटाना बंद नही कर दिया, फिर भी उसे लगा कि हो सकता है वो ना मरी हो इसलिए संदीप ने घर मे रखे सैलो टेप से उसके पूरे चेहरे के चारो तरफ लपेटकर उसका नाक व मुँह को बन्द कर दिया। थोडी देर मे ममता के हाथ पैर ठंडे पड गये । जब उसे विश्वास हो गया की ममता की मृत्यु हो गयी है तो वह ममता के शव को घर के सामने खाली पड़े प्लॉट में खड़े रेहड़े में डालकर बेडशीट से ढककर नहर में डालने के लिए ले गया। परन्तु शव भारी होने के कारण वह शव को नहर में नहीं फेंक सका तथा शव नहर पटरी पर बनी दिवार व रेलिंग के बीच में फंस गया। इसी बीच नहर पटरी पर गाड़ी आ गयी तो वह शव को वहीं छोड़कर रेहड़ा लेकर आ गया था।
किसी दूसरे को फंसाने के लिए महिला के फोन से किया था आखिरी कॉल
खतौली इंस्पेक्टर ने बताया कि ममता का पर्स उसने अलकनन्दा नहर पुल से सठेडी नहर पुल की तरफ थोडा आगे फेंक दिया तथा ममता के मोबाइल को फेंकने से पहले उसके द्वारा ममता के अन्य परिचित नितिन जैन के फोन पर ममता के फोन से फोन मिलाया और करीब 30-35 सैकेण्ड हैलो-हैलो करता रहा जिससे ये शक हो कि पुलिस को यह शक हो कि ममता ने आखिरी बार नितिन जैन से बात की है, इसके बाद उसने ममता का मोबाइल तोडकर थोडा और आगे जाकर नहर मे फेंक दिया।