छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नाइट क्लब कल्चर को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। महादेव घाट विवाद के बाद शहर के क्लब और पब में महिलाओं को मिलने वाली फ्री एंट्री और फ्री ड्रिंक्स जैसी रियायतों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब महिलाओं को भी क्लब में एंट्री और ड्रिंक के लिए तय शुल्क चुकाना होगा। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा, समाज में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों और नशे से जुड़ी घटनाओं पर नियंत्रण पाने के मकसद से उठाया गया है। लगातार बढ़ते क्लब कल्चर और उसके प्रभाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने क्लब संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब क्लबों में प्रमोशन के नाम पर फ्री ऑफर्स नहीं चल सकेंगे।
क्यों बदला गया क्लब कल्चर?
बीते दिनों रायपुर के महादेव घाट इलाके में कुछ युवतियों की असामाजिक तत्वों के साथ झड़प और मारपीट का मामला सामने आया था। यह युवतियां देर रात क्लब से निकलकर घाट पर पहुंची थीं, जहां विवाद हुआ और फिर हाथापाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच में सामने आया कि ये लड़कियां आसपास के जिलों जैसे महासमुंद, कोरबा, कांकेर और बिलासपुर से रायपुर आई थीं।
SSP ने दिए सख्त निर्देश
घटना के बाद रायपुर SSP लाल उमेद सिंह ने क्लब और बार संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्लबों में चल रहे फ्री ऑफर्स अपराध और भीड़ का कारण बन रहे हैं। इससे समाज में असंतुलन भी उत्पन्न होता है। ऐसे में सभी क्लबों को नियमों का पालन करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सख्ती बरतने के आदेश दिए गए हैं।
अब क्लबिंग का खर्च महिलाओं को भी चुकाना होगा
रायपुर के क्लब्स में पहले महिलाओं को आकर्षित करने के लिए फ्री एंट्री, फ्री शॉट्स और ड्रिंक्स जैसी सुविधाएं दी जाती थीं। लेकिन अब से ये सभी छूट खत्म कर दी गई हैं। क्लब जाना हो या पार्टी करना – हर खर्च अब महिलाओं को भी अपनी जेब से भरना होगा।