उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग महिलाओं की शिकायतें दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए अपना ऐप तैयार करने की योजना बना रहा है। इसके माध्यम से महिलाएं घर बैठे अपनी शिकायत आयोग तक पहुंचा सकेंगी। इससे शिकायत दर्ज कराने के लिए आयोग के कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आयोग के अन्य सदस्य मौजूद थे
आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित आयोग परिसर में मासिक समीक्षा बैठक की। इसमें उपाध्यक्ष अपर्णा यादव अनुपस्थित रहीं, जबकि आयोग के अन्य सदस्य मौजूद थे।
डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बताया कि फिलहाल महिलाएं ईमेल, व्हाट्सऐप, डाक और व्यक्तिगत रूप से शिकायतें दर्ज करा सकती हैं। प्रस्तावित ऐप इस व्यवस्था को और सुविधाजनक बनाएगा। आयोग की कोशिश है कि इसका इस्तेमाल महिलाओं से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के लिए किया जाए।
जनसुनवाई और निरीक्षण की समीक्षा
बैठक में पिछले महीने प्रदेशभर में हुई जनसुनवाई और वन स्टॉप सेंटर, महिला चिकित्सालयों, महिला बंदीगृहों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। विभिन्न जिलों से मिली शिकायतों, महिला सुरक्षा और संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिन मामलों में कार्रवाई जरूरी है, उनमें संबंधित विभागों को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान महिला हित से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन लिया जाता है। बैठक में शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, महिला कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। बैठक में उपाध्यक्ष चारु चौधरी सहित आयोग की अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। सदस्य सचिव रेणु तिवारी ने बैठक के अंत में सभी के प्रति आभार जताया।