Womens Reservation Controversy: दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आवास के बाहर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस के रुख के खिलाफ किया गया। प्रदर्शन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
बड़े नेताओं की मौजूदगी में प्रदर्शन तेज
इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें हेमा मालिनी, मनोज तिवारी और बांसुरी स्वराज प्रमुख रूप से मौजूद रहीं। नेताओं ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित न होने से देशभर की महिलाओं में निराशा है और इसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है।
विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी, ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति की। बांसुरी स्वराज ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के साथ “विश्वासघात” किया है। वहीं हेमा मालिनी ने कहा कि उनकी पूरी कोशिशों के बावजूद बिल पास नहीं हो सका, जिससे महिलाओं को निराशा हुई है।
#WATCH | Delhi: BJP women workers burn an effigy of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi during their protest march to his residence, a day after the Constitution (131st Amendment) Bill failed to pass in the Lok Sabha. pic.twitter.com/bkvylI74X2
— ANI (@ANI) April 18, 2026
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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान
सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि लोकसभा में बिल खारिज होना महिलाओं के लिए बड़ा झटका है और विपक्ष ने उन्हें चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इसका जवाब देंगी। यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।
विधेयक पास न होने से बढ़ा विवाद
दरअसल, लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि पास होने के लिए 352 वोट जरूरी थे। इसके बाद से ही इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और देशभर में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।