जनपद के थाना चरथावल थाना क्षेत्र के दधेडू कला-सैद नंगला मार्ग स्थित सूर्य ईंट भट्ठे पर बृहस्पतिवार सुबह तेज आंधी और बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरने से एक मजदूर की दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों और किसान संगठनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को भट्ठे पर रखकर धरना शुरू कर दिया। करीब नौ घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन, भट्ठा स्वामी और किसान नेताओं के बीच 15 लाख रुपए मुआवजा, बच्चों को पेंशन आदि पर समझौता होने पर मामला शांत हुआ।
परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए
चरथावल थाना क्षेत्र के ग्राम मुथरा का निवासी करीब 42 वर्षीय अजय कश्यप उर्फ बबलू पुत्र मांगेराम सूर्य ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। बताया गया कि सुबह करीब पांच बजे क्षेत्र में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान भट्ठे की एक कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से अजय गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी मजदूरों ने उन्हें मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मजदूर की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शव को वापस भट्ठे पर लाकर रख दिया गया और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर चरथावल प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण दहिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुआवजे की घोषणा की मांग पर अड़े रहे।
मुआवजे की मांग को भाकियू नेताओं ने मोर्चा खोला
भट्टा मजदूर की दबने से मौत होने के बाद भाकियू के एनसीआर अध्यक्ष विकास शर्मा तुरन्त मौके पर पहुंचे वही सूचना मिलते ही ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी भाकियू (सर्व) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश भारद्वाज, काला प्रधान सहित कई स्थानीय नेता पीड़ित परिवार की मांग उठाने के लिए धरने पर उपस्थित रहे। किसान नेताओं ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सदर राधेश्याम गोड और नायब तहसीलदार हरेन्द्र पाल भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों,भट्ठा स्वामी रालोद नेता। संदीप मलिक और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद समझौता हुआ कि भट्ठा स्वामी की ओर से मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि जिला प्रशासन पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद प्राकृतिक आपदा में मृत्यु के मुआवजे के तौर पर उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा मृतक के बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक चार हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, अंत्योदय राशन कार्ड तथा मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया। लिखित समझौते के बाद परिजन और किसान संगठन संतुष्ट हो गए। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। करीब नौ घंटे बाद धरना समाप्त होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।