World Digestive Health Day 2025: पाचन तंत्र को बेहतर और अच्छा रखने के लिए करने इस विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कुछ प्रभावी और असरदायक योगासनों के बारे में जानिए जो पाचन तंत्र की क्रिया को सुधारने और बेहतर बनाने के लिए अच्छा योगदान करते हैं।
विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस हर वर्ष 29 मई को मनाया जाता है। इस दिन पूरे विश्व के लोगों को पाचन से जुड़ी जानकारी दी जाती है। पाचन संबंधी समस्याओं और उनसे बचाव, के बारे में बताया जाता है। यह दिन विश्व गैस्ट्रोलॉजी संगठन (WGO) द्वारा 2004 में शुरू किया गया था। यह दिन लोगों को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों के बारे में जानकारी देता है। और स्वस्थ पाचन तंत्र के महत्व के बारे बताता है।यह जीवनशैली और खानपान में बदलाव के माध्यम से पेट से जुड़ी बीमारियों को रोकने की जानकारी देता है। हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए योगासन कितने असरदार है। इस विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पर कुछ प्रभावी योगासनों के बारे में जानिए जो पाचन तंत्र की क्रिया को सुधारते हैं।
1-पवनमुक्तासन-
इस आसन को करने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या दूर होती है।
पवनमुक्तासन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और ब्लोटिंग कम करता है।
ये आसन पेट और जांघों की चर्बी कम करने में सहायक है।
कैसे करें?
पीठ के बल लेटकर दोनों पैर सीधे रखें।
दाएं घुटने को मोड़कर छाती के पास लाएं और दोनों हाथों से पकड़ें।
सिर उठाते हुए घुटने से नाक मिलाने की कोशिश करें।
10-15 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर धीरे-धीरे वापस आएं।
ये प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएं।
दिन में 3-4 बार करें।
2-वज्रासन-
भोजन करने के बाद करने वाला यह इकलौता योगासन है, जो तुरंत डाइजेशन सिस्टम में सुधार करता है।
वज्रासन से एसिडिटी, गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है।
इसका अभ्यास पेट की चर्बी कम करने में भी मदद करता है।
खाने के तुरंत बाद 5-10 मिनट वज्रासन करने से पाचन शक्ति तेज होती है।
कैसे करें?
घुटनों के बल बैठकर पैरों को पीछे की ओर मोड़ें।
एड़ी पर बैठकर रीढ़ सीधी रखें और हाथ घुटनों पर रखें।
इस अवस्था में 5-10 मिनट बैठें।
3-भुजंगासन-
भुजंगासन योगासन से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती है और पाचन ठीक रहता है।
एसिडिटी और गैस्ट्रिक प्रॉब्लम को कम करने में भुजंगासन बहुत ही लाभदायक है।
इस आसन का अभ्यास लिवर और किडनी को स्वस्थ और मजबूत रखता है।
कैसे करें?
पेट के बल लेटकर पैरों को सीधा रखें और हाथों को कंधों के नीचे रखें।
गहरी सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे ले जाएं।
इस स्थिति में 15-20 सेकंड तक रहें।
सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आएं।
ये क्रिया 3 से 4 बार दोहराएं।
इन आसनों को करने से पहले किसी योग्य शिक्षक से सीख लें तभी करें । आसन को सही रूप किया जाना बहुत ही आवाश्यक है, आसन की सही स्थिति जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से समपर्क जरूर करें।