GLOBAL CONFLICT RUSSIA UKRAINE WAR : सितंबर 2026 में दुनिया के कई हिस्से सैन्य संघर्ष और गंभीर सुरक्षा तनाव से गुजर रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध लगातार जारी है, यमन में हूती हमलों के बाद सऊदी अरब के साथ टकराव बढ़ा है और ईरान-अमेरिका के बीच भी सैन्य तनाव बना हुआ है। वहीं पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई ने हालात बिगाड़े हैं। दूसरी ओर, उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों से जापान और दक्षिण कोरिया की सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमलों का दौर
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से शुरू हुआ युद्ध सितंबर 2026 में भी थमा नहीं है। हाल के दिनों में दोनों तरफ से ऊर्जा और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए गए हैं। 20 सितंबर को मॉस्को क्षेत्र पर यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले में तीन लोगों की मौत और एक तेल रिफाइनरी को नुकसान की सूचना सामने आई। इसके जवाब में यूक्रेन के कई इलाकों पर रूसी हमले भी जारी रहे।
यमन से सऊदी अरब तक बढ़ा हूती तनाव
यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच तनाव फिर गंभीर हो गया है। हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले हमलों का दावा किया है। सऊदी अरब की ओर से भी सैन्य कार्रवाई जारी है। बाब-अल-मंदब और लाल सागर का क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिहाज से महत्वपूर्ण होने के कारण इसका असर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है।
ईरान-अमेरिका टकराव का असर तेल पर
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव और धमकियों का सिलसिला जारी है। तनाव का सबसे बड़ा असर खाड़ी क्षेत्र की शिपिंग पर दिखाई दे रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब-अल-मंदब जैसे अहम समुद्री रास्तों पर गतिविधियों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। हालिया घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर भी गई हैं।
कोरियाई प्रायद्वीप में मिसाइलों से बढ़ी चिंता
जापान और दक्षिण कोरिया के बीच कोई युद्ध नहीं चल रहा है। इस क्षेत्र में मुख्य सुरक्षा चुनौती उत्तर कोरिया से जुड़ी है। 20 सितंबर को उत्तर कोरिया ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद दक्षिण कोरिया और जापान ने निगरानी बढ़ाई। दोनों देश अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग भी कर रहे हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी तनाव बढ़ा हुआ है। 21 सितंबर को पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमलों की खबर सामने आई, जिसमें अफगान अधिकारियों ने नागरिकों के मारे जाने की बात कही। यह कार्रवाई पाकिस्तान में हुए घातक हमले के बाद हुई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े आरोप लगा रहे हैं।
असर सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं
इन संघर्षों का असर संबंधित देशों की सीमाओं से बाहर भी दिखाई देता है। तेल और गैस की आपूर्ति, समुद्री व्यापार, ईंधन की कीमतें, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर मध्य पूर्व में समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ने से ऊर्जा बाजार सीधे प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर एक बड़ी चिंता बना हुआ है।