
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का रोमांचक अंत हुआ, जिसका असर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल पर भी देखने को मिला. यह सीरीज 20 जून को लीड्स में शुरू हुई थी और 4 अगस्त को ओवल टेस्ट की आखिरी पारी के साथ समाप्त हुई. आखिरी मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को सिर्फ 6 रन से हराते हुए न सिर्फ सीरीज बराबरी पर खत्म की, बल्कि WTC टेबल में भी अहम छलांग लगाई.
कैसे पलटी सीरीज की कहानी?
इस सीरीज की शुरुआत इंग्लैंड ने मजबूत तरीके से की थी और पहला टेस्ट जीतकर 1-0 की बढ़त हासिल की. लेकिन एजबेस्टन में भारत ने दमदार वापसी की और दूसरा टेस्ट जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया. इसके बाद लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने रोमांचक जीत दर्ज की और फिर मैनचेस्टर टेस्ट को भारत ने ड्रॉ करवाकर इंग्लैंड की बढ़त को बरकरार रहने दिया. अब सबकी नजरें ओवल टेस्ट पर थीं, जहां जीत किसी भी टीम को सीरीज में सम्मान के साथ खत्म करने का मौका देती है. टीम इंडिया ने ओवल में जबरदस्त खेल दिखाया और 6 रन से जीत हासिल कर ली. इस जीत से सीरीज 2-2 से बराबर रही, लेकिन असली असर WTC पॉइंट्स टेबल पर देखने को मिला.
WTC पॉइंट्स टेबल में क्या बदला?
मैनचेस्टर टेस्ट के बाद इंग्लैंड के पास 26 अंक थे और उसका PCT (Points Percentage) 54.17 था, जिससे वह तीसरे स्थान पर बनी हुई थी. वहीं भारत 16 अंकों और 33.33 PCT के साथ चौथे स्थान पर था. लेकिन ओवल में मिली जीत के बाद भारत के कुल अंक बढ़कर 28 हो गए और उसका PCT 46.67 पर पहुंच गया. इस बदलाव के साथ ही भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़कर तीसरा स्थान हासिल कर लिया. इंग्लैंड के 26 अंक ही रह गए और उसका PCT गिरकर 43.33 हो गया, जिससे वह चौथे स्थान पर लुढ़क गया.
क्या है PCT का मतलब?
WTC की अंक प्रणाली में कुल अंकों से ज्यादा महत्व PCT को दिया जाता है. PCT यानी Points Percentage उस टीम के अब तक खेले गए मैचों में संभावित अंकों के मुकाबले अर्जित अंकों का प्रतिशत होता है. इसी के आधार पर टेबल में रैंक तय होती है.
WTC के इस चौथे चक्र में भारत और इंग्लैंड अपनी पहली ही सीरीज खेल रहे थे और ओवल टेस्ट के नतीजे ने साफ कर दिया कि इस दौड़ में भारत ने शुरुआती बढ़त बना ली है. हालांकि WTC में लंबा सफर अभी बाकी है और हर टेस्ट मैच का नतीजा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. टीम इंडिया अब इस जीत के दम पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी, वहीं इंग्लैंड को अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे की रणनीति बनानी होगी.