उत्तर प्रदेश में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ नाम की फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की छवि गलत तरीके से दिखाई गई है। इसी बात को लेकर संभल जिले से विरोध की शुरुआत हुई और देखते ही देखते मामला कई जिलों तक फैल गया।
संभल में दर्ज हुआ केस
संभल के धनारी थाने में फिल्म के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कलाकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। समाज के कुछ नेताओं की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। पुलिस ने संबंधित लोगों को जांच में शामिल होने का नोटिस भी भेजा है। प्रशासन का कहना है कि फिल्म की रिलीज से पहले जांच पूरी की जाएगी ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
सड़कों पर उतरा यादव समाज
फिल्म के विरोध में यादव समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। कई जगह प्रदर्शन हुए और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म की कहानी समाज की लड़कियों को गलत संदेश दे सकती है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
राजनीति भी हुई सक्रिय
मामला बढ़ने पर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। वहीं कुछ अन्य नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। बयानबाजी के बाद माहौल और गर्म हो गया। एक ओर जहां फिल्म पर रोक की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला भी बताया जा रहा है।
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किसान संगठनों की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन के कुछ पदाधिकारियों ने भी फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ी हुई है और अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
प्रशासन अलर्ट, आगे क्या?
पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। खुफिया निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि अफवाह या तनाव की स्थिति न बने। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फिल्म तय तारीख पर रिलीज होगी या विरोध के चलते रोक दी जाएगी। फिलहाल यह मामला सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है।