टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव पूरी तरह खुश नजर आ रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज ने उन्हें वो भरोसा लौटा दिया है जिसकी कमी पिछले कुछ समय से दिख रही थी। बीते एक साल में सूर्या का बल्ला शांत रहा और औसत भी नीचे चला गया था, लेकिन इस सीरीज में उन्होंने साफ कर दिया कि बड़े टूर्नामेंट से पहले वह फिर से अपने असली रंग में लौट चुके हैं। तिरुवनंतपुरम में बल्ले से कोहराम तिरुवनंतपुरम में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में सूर्यकुमार यादव ने मैदान पर कदम रखते ही माहौल बदल दिया। उन्होंने 30 गेंदों में 63 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 4 चौके और 6 छक्के निकले।
3000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 33 रन चाहिए
हर बड़े शॉट के साथ स्टेडियम में शोर बढ़ता गया और न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आते चले गए। यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं थी, बल्कि फॉर्म में वापसी का बड़ा संकेत भी थी। 3000 रन का खास पड़ाव इस पारी से पहले सूर्यकुमार यादव को टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 33 रन चाहिए थे। उन्होंने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और भारत के लिए यह मुकाम छूने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने हासिल की थी। लेकिन सूर्या की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, क्योंकि इसके आगे जो हुआ उसने इतिहास बदल दिया। जो कोई नहीं कर सका वो सूर्या ने कर दिखाया सूर्यकुमार यादव टी20 इंटरनेशनल इतिहास में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 1822 गेंदों में पूरा किया। इससे पहले किसी भी बल्लेबाज ने इतनी कम गेंदों में यह आंकड़ा नहीं छुआ था।
अपना नाम टी20 इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया
इस रिकॉर्ड के साथ सूर्या ने दुनिया के सभी बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया और अपना नाम टी20 इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। दिग्गज भी रह गए पीछे इस रिकॉर्ड की खास बात यह है कि इसे न रोहित शर्मा तोड़ सके और न ही विराट कोहली। दोनों ही बल्लेबाज टी20 क्रिकेट के बड़े नाम हैं, लेकिन सबसे तेज 3000 रन का रिकॉर्ड सूर्या के नाम दर्ज हो गया। अब इस रिकॉर्ड को तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद मुश्किल नजर आता है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि लंबे समय तक कायम रह सकती है। टीम इंडिया के लिए बड़ी राहत टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले कप्तान का इस तरह फॉर्म में लौटना टीम इंडिया के लिए बड़ी राहत है। सूर्यकुमार यादव ने दिखा दिया है कि दबाव में वह कैसे खेलते हैं और बड़े मैचों के खिलाड़ी क्यों माने जाते हैं। चौके-छक्कों की झड़ी के साथ बना यह वर्ल्ड रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि टीम इंडिया के लिए भरोसे और आत्मविश्वास की बड़ी जीत भी है।