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जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जमीन खरीद की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई रणनीति अपनाई है। अब किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने के लिए ‘चंक मॉडल’ लागू किया गया है, जिसके तहत अधिसूचित जमीन को दस-दस एकड़ के समूहों में विभाजित किया जाएगा। यह कदम सेक्टरों के समग्र और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत जब तक किसी सेक्टर में न्यूनतम दस एकड़ की जमीन एकत्र नहीं हो जाती, तब तक किसानों से रजिस्ट्री नहीं कराई जाएगी। इससे पहले की प्रक्रिया में छोटे-छोटे टुकड़ों में जमीन खरीदने से सड़क, सीवर, जल आपूर्ति और अन्य ढांचागत सुविधाओं के विकास में बाधाएं आती थीं। साथ ही भूखंड आवंटन में भी दिक्कतें पेश आती थीं। अब चंक पूरा होते ही रजिस्ट्री कराई जाएगी, जिससे खरीदी गई जमीन पर तुरंत विकास कार्य शुरू किया जा सकेगा और आवंटियों को भूखंड उपलब्ध कराना आसान होगा।
यीडा जेवर क्षेत्र में 11 नए सेक्टरों के विकास के लिए 26 गांवों की 3120 हेक्टेयर जमीन किसानों से सहमति के आधार पर खरीद रहा है। इनमें रबूपुरा, कलूपुरा, दस्तमपुर, दयौरार, भीकनपुर, भुन्नातगा, मुरादगढ़ी, थोरा, फाजिलपुर, आकलपुर, कानपुर, मुढरह, वीरमपुर, नगला शाहपुर और म्याना जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों की जमीन सेक्टर 5, 6, 8, 8D, 9, 11, 21, 28, 29, 32 और 33 के लिए अधिसूचित की गई है।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, चंक मॉडल से खरीदी गई जमीन विवाद रहित होगी और उस पर ढांचागत सुविधाएं तेजी से शुरू की जा सकेंगी। इससे न केवल जमीन खरीद की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सेक्टरों के नियोजित विकास को भी गति मिलेगी।
यह रणनीति नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।