CM-LG will jointly Inspect: दिल्ली में यमुना नदी के पुनर्जीवन और स्वच्छता अभियान को तेज करने के लिए उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से ग्राउंड विजिट किया। इस दौरान कश्मीरी गेट स्थित वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मिशन को तेजी और बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि यमुना को साफ और जीवंत बनाया जा सके।
घाटों के विकास में दिखा अंतर
निरीक्षण के दौरान वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट के बीच विकास का स्पष्ट अंतर सामने आया। वासुदेव घाट जैसे स्थान, जिन्हें दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं से लैस हैं। वहीं अन्य घाटों को भी इसी तरह विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों को घाटों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान
यमुना किनारे ग्रीनवे, वॉकिंग ट्रैक, साइक्लिंग पथ, पौधारोपण और वेटलैंड्स के पुनर्स्थापन जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। वजीराबाद से ओखला तक फैले फ्लडप्लेन क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जैव-विविधता को बढ़ावा देने और नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
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जनभागीदारी से बनी रणनीति
उपराज्यपाल ने बताया कि यह निरीक्षण नागरिकों के साथ हुए संवाद का परिणाम है, जिसमें प्रदूषण, बाढ़ और जल संकट जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए थे। सरकार अब इन समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सभी संबंधित विभागों को समन्वित तरीके से कार्य करने और तय समयसीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रीन बजट और सख्त मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना की सफाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया गया है। सीवेज ट्रीटमेंट, कचरा प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई है कि प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरे अभियान की सख्त निगरानी की जाएगी।