
मथुरा में यमुना का जलस्तर 165.80 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है। वहीं चेतावनी बिंदु 165.20 मीटर तक है। नदी किनारे रहने वालों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। मथुरा में यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ रहा है। जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार गया है। यमुना से सटे क्षेत्रों के लोगों की धड़कनें बढ़ना शुरू हो गई हैं। नौहझील क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हैं। यमुना का पानी गांव तक पहुंच गया है। किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें डूब गई हैं। इससे पशुओं के लिए चारे का भी इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग भी कई दिनों से अवरुद्ध
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग भी कई दिनों से अवरुद्ध है। करीब दो-दो फीट पानी सड़क पर बह रहा है। पानी के तेज बहाव में भी राहगीर निकलने को मजबूर हैं। यही हाल यमुना से सटे जयसिंहपुरा, वृंदावन में यमुना खादर समेत अन्य क्षेत्रों का है। जलस्तर बढ़ने से लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने यमुना से सटी कॉलोनियों में रहने वालों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि आगे यमुना का जलस्तर लगातार कम होने की बात कही जा रही है, रविवार को ताजेवाला बैराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया और ओखला बैराज से 51 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बीते सप्ताह से दो गुना अधिक है। वहीं गोकुल बैराज से 71 हजार क्यूसेक के करीब पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु के निशान को पार कर गया है।
विश्राम घाट पर बैरिकेट करने के निर्देश
विश्राम घाट सहित यमुना के घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो गई है तेज बहाव के बीच श्रद्धालु यमुना में स्थान करते हुए दिखाई दे रहा है। वहीं नाविक भी श्रद्धालुओं को तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डालकर नौका विहार कर रहे हैं। एडीएम पंकज वर्मा ने मामले को संज्ञान में लेते हुए यमुना में तेज-बहाव के बीच चल रही नाव को तुरंत रोकने के निर्देश दे दिए है। वहीं विश्राम घाट पर बैरिकेट करने के निर्देश दिए हैं। ये मार्ग पानी से अवरुद्ध हो गए हैं उन्हें पूरी तरह रोक दिया गया है। लोगों को भी दो दिन तक अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। एडीएम पंकज वर्मा ने कहा है के राहत बचाव की हमारी टीम पूरी तरह एक्टिव है, जगह-जगह बाढ़ चौकियां बनाई गई है। लोगों को भी अलर्ट रहने के लिए बोला गया है दो दिन में कुछ और पानी का स्तर बढ़ेगा लेकिन अधिक खतरे की कोई बात नहीं है।