Yashasvi Jaiswal ODI Selection : भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज से पहले एक खिलाड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह खिलाड़ी है यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने बेहद कम वनडे मैचों में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है। इसके बावजूद पहले वनडे की प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह बनती नजर नहीं आ रही है। यही वजह है कि टीम चयन को लेकर बहस तेज हो गई है।
सिर्फ 6 वनडे में 2 शतक
यशस्वी जायसवाल ने फरवरी 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। इसके बाद करीब डेढ़ साल में उन्हें सिर्फ 6 वनडे खेलने का मौका मिला। इन मुकाबलों में उन्होंने 285 रन बनाए और दो शतक भी जड़े। इतने प्रभावशाली आंकड़ों के बावजूद उन्हें लगातार मौके नहीं मिल पाए हैं। यह रिकॉर्ड बताता है कि जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने खुद को साबित करने की कोशिश की।
टॉप ऑर्डर में जगह की सबसे बड़ी चुनौती
वेस्टइंडीज सीरीज में रोहित शर्मा और शुभमन गिल के ओपनिंग करने की संभावना है। वहीं विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं। ऐसे में टॉप-3 की जगह लगभग तय मानी जा रही है। चूंकि जायसवाल स्वाभाविक ओपनर हैं, इसलिए उनके लिए बल्लेबाजी क्रम में जगह निकालना टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं होगा।
रुतुराज गायकवाड़ से सीधी टक्कर
टीम संयोजन को देखें तो नंबर-4 की भूमिका के लिए रुतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल के बीच मुकाबला माना जा रहा है। रुतुराज भी मूल रूप से ओपनर हैं, लेकिन वह मध्यक्रम में भी बल्लेबाजी कर चुके हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन अनुभव और संतुलन को देखते हुए किसी एक खिलाड़ी को ही अंतिम एकादश में जगह दे सकता है।
टेस्ट में मजबूत, सीमित ओवरों में इंतजार
यशस्वी टेस्ट क्रिकेट में लगातार टीम इंडिया का अहम हिस्सा बने हुए हैं और 31 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। लेकिन वनडे और टी20 में अभी तक उनकी जगह पूरी तरह पक्की नहीं हो सकी है। टी20 टीम में भी ओपनिंग स्लॉट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिसके कारण उन्हें लगातार मौके नहीं मिल रहे हैं।
इसे भी पढ़ें : 20 साल का सफर खत्म, मेसी के आखिरी मैच से पहले भावुक हुए कोच, कहा- आंसू रोकना मुश्किल होगा
क्या मिलेगा मौका या फिर करना होगा इंतजार?
यशस्वी जायसवाल के हालिया आंकड़े उनके पक्ष में जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन टीम इंडिया के मजबूत टॉप ऑर्डर के कारण उनकी राह आसान नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वेस्टइंडीज सीरीज के तीन मैचों में उन्हें मौका मिलेगा, या फिर शानदार रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें एक बार फिर बेंच पर बैठकर इंतजार करना पड़ेगा।