विशाखापत्तनम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए तीसरे वनडे में युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए अपना पहला वनडे शतक जड़ दिया। एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जायसवाल ने 111 गेंदों में शानदार बल्लेबाजी कर यह माइलस्टोन छुआ। टेस्ट में 7 और टी20 में 1 शतक लगाने वाले यशस्वी ने वनडे में भी अपने बल्ले की ताकत दिखा दी।
टेस्ट और टी20 में पहले ही साबित कर चुके हैं दम
यशस्वी जायसवाल की पहचान टेस्ट क्रिकेट में रन मशीन के रूप में बन चुकी है। उन्होंने 28 टेस्ट मैचों में 49.2 की औसत से 2511 रन बनाए हैं, जिसमें 7 शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। टी20 इंटरनेशनल में भी उनका स्ट्राइक रेट 164.3 रहा है और वे 1 शतक के अलावा 5 फिफ्टी भी जमा चुके हैं। आईपीएल में यशस्वी का प्रदर्शन लंबे समय से शानदार रहा है, जिसके दम पर उन्होंने टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत की है।
वनडे में कम मौके, लेकिन बड़ा असर
वनडे फॉर्मेट में अब तक यशस्वी को लगातार मौके नहीं मिले थे। सीमित मौकों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे थे, लेकिन इस निर्णायक मुकाबले में शतक लगाकर उन्होंने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को एक मजबूत संदेश दे दिया है। यह पारी दिखाती है कि यशस्वी तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक उपयोगी खिलाड़ी बन सकते हैं।
गिल की गैरमौजूदगी बनी यशस्वी का मौका
कप्तान शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण यह वनडे सीरीज नहीं खेल पाए, जिससे यशस्वी को ओपनिंग का मौका मिला। यह शतक गिल के लिए सीधी परेशानी तो नहीं है, लेकिन उनके लिए दबाव जरूर बढ़ा सकता है। गिल अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से वापसी करेंगे, जहां उन पर रन बनाने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाएगी।
23 साल की उम्र में शानदार आंकड़े
यशस्वी जायसवाल मात्र 23 साल के हैं और इस उम्र में उन्होंने टीम इंडिया के लिए 28 टेस्ट और 23 टी20 मैच खेले हैं। दोनों फॉर्मेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारत की भविष्य की बल्लेबाजी ताकत का मुख्य किरदार बना दिया है। अब वनडे में शतक लगाकर यशस्वी ने यह भी साबित कर दिया कि वह सभी फॉर्मेट के लिए तैयार हैं।
भारतीय टीम को मिला एक और भरोसेमंद ओपनर
यह शतक टीम इंडिया के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारतीय ओपनिंग में एक और मजबूत विकल्प मिला है। गिल, रोहित और यशस्वी इन तीनों में प्रतिस्पर्धा टीम को और बेहतर बनाएगी। यशस्वी की यह पारी निश्चित तौर पर वनडे में उनके करियर की बड़ी शुरुआत साबित हो सकती है।