दस साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले को पोक्सो कोर्ट ने बीस साल की सजा और 15 हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया है। साक्ष्य के अभाव कोर्ट ने सात आरोपियों को बरी कर दिया। किठौर थाना प्रभारी सुबोध कुमार सक्सेना ने बताया, 16 फरवरी 2023 को वादी ने एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें वादी ने बताया था कि पड़ोसी बक्शी उनकी दस साल की बेटी को बहला फुसलाकर आम के बाग में ले गया था और लालच देकर बेटी के साथ दुष्कर्म किया था।
बेटी ने घर आकर पूरा वाक्य बताया था। पीड़ित पिता आरोपी के परिजनों से शिकायत करने उनके घर गया तो आरोपी के परिजन अजय, घमंडी, राजकुमार, पूरन, जयकरन, मनोज, सतीश व विजय ने उलटा वादी के साथ गाली गलौज करते हुए जान से मारन की धमकी दी थी। मुकदमे की विवेचना एसआई मनोज कुमार ने की थी और सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल पोक्सो एक्ट कोर्ट प्रथम में हुई।
अक्षय खैवाल ने प्रभावी पैरवी की
आरोपियों को सजा दिलाने के लिए थाना प्रभारी सुबोध कुमार सक्सेना, कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कोर्ट मोहर्रि अक्षय खैवाल ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट में कई लोगों की गवाही कराई। पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश शिवानी सिंह ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार बक्शी पुत्र मंगल को दोषी करार देते हुए बीस साल की सजा और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। बाकी अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया, इस संबंध में एसएसपी अविनाश पांडेय ने कोर्ट में प्रभावी पैरवी के आदेश दिए थे और मुकदमे की मानिटरिंग एसपी क्राइम कर रहे थे।