ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) सेक्टर 28 में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क अब देश का प्रमुख कैंसर-केयर और हाई-एंड मेडिकल इक्विपमेंट हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्राधिकरण यहां एक बड़े कैंसर-केयर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे कैंसर उपचार से जुड़े उपकरण और रेडियोलॉजी मशीनें देश में ही निर्मित की जा सकेंगी। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को हेल्थकेयर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना है।
देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है
अभी तक कैंसर-केयर और हाई-एंड मेडिकल उपकरणों के लिए देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन इस पार्क के शुरू होने से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी बल्कि देशभर के अस्पतालों को अत्याधुनिक तकनीक समय पर उपलब्ध हो सकेगी। YEIDA ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्लॉट्स की स्कीम शुरू की है। इसमें देश-विदेश की कंपनियों को फैक्ट्रियां लगाने का न्योता दिया गया है। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है और ग्रेटर नोएडा को मेडिकल उपकरणों का प्रमुख केंद्र बनाने का रास्ता खुलेगा।
मेक इन इंडिया पहल से जोड़कर विशेष महत्व दिया
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को मेक इन इंडिया पहल से जोड़कर विशेष महत्व दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रेटर नोएडा को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाकर प्रदेश को उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त बनाया जाए। यहां बनने वाले कैंसर-केयर और हाई-एंड मेडिकल इक्विपमेंट्स देशभर के मरीजों के लिए राहत साबित होंगे और हेल्थकेयर सेक्टर को नई दिशा देंगे।