एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन समर्थित यमन सरकार के राष्ट्रपति भवन को पांच मिसाइलों से निशाना बनाया गया। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मिसाइलों ने अदन के क्रेटर जिले में अल-माशीक पैलेस को निशाना बनाया। उन्होंने इस हमले के लिए हूती ग्रुप को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अभी तक हताहतों और नुकसान के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। मौके पर मौजूद सिन्हुआ के एक रिपोर्टर के अनुसार, अदन में जोरदार धमाके हुए और महल के आसपास के इलाके से धुआं उठता दिखाई दिया। पास रहने वाले लोगों ने बताया कि इन धमाकों से उनके घर हिल गए।
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को फिर से चेतावनी दी
हूती ग्रुप ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को फिर से चेतावनी दी कि सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र और वहां के हवाई अड्डे 'असुरक्षित' हैं।हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा कि यह चेतावनी सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डों पर लागू होती है, लेकिन इसमें मक्का और मदीना जैसे पवित्र मुस्लिम शहरों के ऊपर का हवाई क्षेत्र शामिल नहीं है।
नागरिकों को चेतावनी जारी
इससे पहले, एक अलग बयान में सरी ने कहा कि हूती समूह ने दिन के दौरान सऊदी अरब के क्षेत्र की ओर कोई हमला नहीं किया है। उन्होंने सऊदी अरब के उस आरोप को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मदीना की ओर कोई हमला किया गया था। यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को कहा कि वह एक 'विशेष अभियान' चलाने जा रहा है। इसके लिए, गठबंधन यमन की राजधानी सना (जो हूती समूह के कब्जे में है) में एक जगह को खाली करने के लिए नागरिकों को चेतावनी जारी करेगा।
ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि यह चेतावनी जल्द ही जारी की जाएगी। हालांकि, उन्होंने उस जगह या अभियान के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी। इसके अलावा, मंगलवार को ही गठबंधन ने बताया कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त
ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब हूथी समूह और सऊदी अरब के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमले किए गए हैं और सैन्य चेतावनियां दी गई हैं। यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में उलझा हुआ है। उस समय हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को राजधानी से बाहर जाना पड़ा। अब यह सरकार दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम कर रही है और इसे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन प्राप्त है।