Gas Relief Yoga: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और डेस्क जॉब के कारण पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ रहा है। जिसकी वजह से आज कल एसिडिटी और गैस (Gastric Problems) की समस्या आम हो गई है। अगर आप भी पेट फूलने या भारीपन से परेशान हैं, तो योग इसका सबसे प्रभावी और प्राकृतिक समाधान हो सकता है। योगासन न केवल गैस से राहत दिलाते हैं बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत करते हैं। तो आइए जानते हैं एसिडिटी और गैस को दूर करने के लिए कौन-कौन से योगासन करने चाहिए।
वज्रासन
गैस की शिकायत से छुटकारा पाने के लिए लोगों को वज्रासन योग करना चाहिए। अगर आप रोजाना वज्रासन योग करते हैं, तो यह काफी फायदेमंद साबित होता है। इस योग को करने के लिए घुटनों को पीछे की ओर मोड़कर हिप को एड़ी पर रख लें। अब अपने सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखें और दोनों हथेलियों को अपने जांघों पर रख लें। इसी पोजीशन में कुछ देर बैठे रहें।
कपालभाति
कपालभाति योग पेट के लिए काफी लाभदायक साबित होता है। इस योग को करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। इस योग को करने के लिए बैठ जाएं। फिर गहरी सांस अंदर की ओर लें और झटके से सांस छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खींचें। ऐसा कम से कम 10-15 बार करें। इस योग से पेट की चर्बी भी कम होती है।
यह भी पढ़ें: Walking Benefits: फिटनेस के लिए वरदान है रोज 30 मिनट पैदल चलना, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग
बालासन
बालासनपेट के लिए सबसे फायदेमंद योग माना जाता है। इस आसन को करने से एसिडिटी की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। इसको करने के लिए सबसे पहले चटाई या मैट पर घुटनों को मोड़ कर बैठ जाएं। इसके बाद श्वास अंदर लेते हुए दोनो हाथों को सीधा सिर के उपर उठा लें। तब तक आगे झुकते रहें जब तक की आपकी हथेलियां ज़मीन पर नहीं टिक जाती। अब सिर को ज़मीन पर टिका लें। फिर लंबी सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें, दोनों हाथों की उंगलियों को कसकर जोड़ लें, इनकी बीच में आपको सिर रखकर उसको सहारा देना है। इस मुद्रा में कम से कम 5 मिनट तक रहना चाहिए।
पवनमुक्तासन
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह आसन पेट से अतिरिक्त गैस को बाहर निकालने में सबसे ज्यादा मददगार है। इसे खाली पेट करने से कब्ज में भी राहत मिलती है। सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें। गहरी सांस छोड़ते हुए अपने दोनों घुटनों को मोड़ें और उन्हें अपनी छाती के पास लेकर आएं। अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर घुटनों के नीचे रखें और जांघों को धीरे से अपने पेट पर दबाएं। अब फिर से सांस छोड़ें और धीरे से अपना सिर और गर्दन ऊपर उठाएं। अपनी ठुड्डी या नाक को घुटनों के बीच लगाने की कोशिश करें। इस स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक रुकें और लंबी-गहरी सांस लेते रहें। धीरे-धीरे सिर को जमीन पर रखें और पैरों को सीधा कर लें। विश्राम करें।