Yogi Adityanath 80 20 Claim : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ में राज्यसभा चुनाव के बहाने समाजवादी पार्टी और उसके पीडीए समीकरण पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव ने विधानसभा चुनाव की तस्वीर का संकेत दे दिया है और मुकाबला एक बार फिर ‘80-20’ पर आ गया है।
राज्यसभा चुनाव को बनाया आधार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन ने यह बता दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव का परिणाम किस दिशा में जा सकता है। उनके मुताबिक, अब लड़ाई 80 और 20 के बीच आ गई है। उन्होंने अपने बयान में 80 प्रतिशत को एनडीए और 20 प्रतिशत को पीडीए से जोड़ा। यह बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में दिया।
सपा ने तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए इस बार बीजेपी ने आठ उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने दो उम्मीदवारों को मैदान में रखा है। सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने की अटकलें थीं, लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन गई है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
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अखिलेश ने 403 सीटों पर किया फोकस
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के बाद पार्टी का फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव पर बताया गया। अखिलेश ने संकेत दिया कि पार्टी की प्राथमिकता राज्यसभा की तीन सीटें नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटें हैं। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में योगी ने राज्यसभा के मौजूदा समीकरण को विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए अपना दावा रखा।
पीडीए पर योगी का सीधा हमला
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सपा के पीडीए फॉर्मूले को भी निशाने पर लिया। सपा पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक गठजोड़ के रूप में पेश करती रही है। योगी ने कहा कि 80 प्रतिशत एनडीए और 20 प्रतिशत पीडीए के साथ है और पीडीए का क्या हाल होने वाला है, यह आगे सामने आएगा। उनके बयान से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘80-20’ की बहस फिर तेज हो गई है।