
भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मथुरा पहुंचे. जन्माष्टमी के इस विशेष अवसर पर उन्होंने न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि जनता को कई बड़ी सौगातें भी दीं. मुख्यमंत्री ने मथुरा के लिए 645 करोड़ रुपये की 118 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया. योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार गुलामी के प्रतीकों को समाप्त कर रही है. उन्होंने कहा, “हमने अयोध्या में 500 सालों की गुलामी का अंश मिटा दिया है. अब मथुरा और वृंदावन में भी वही काम होगा.”
मथुरा-वृंदावन की महत्ता पर जोर
जनसभा में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि बृजभूमि भगवान श्रीकृष्ण की लीला से पवित्र है. उन्होंने कहा, “अगर अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के लिए जानी जाती है, तो मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की अवतरण भूमि है. यहां रहकर बृजवासी भगवान की लीलाओं को देखने और अनुभव करने का सौभाग्य पाते हैं.” योगी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य मथुरा और वृंदावन की प्राचीन और आध्यात्मिक पहचान को फिर से स्थापित करना है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आज काशी और अयोध्या अपनी भव्यता और समृद्धि के कारण पूरे देश और दुनिया के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं.
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सीएम के रिकॉर्ड तोड़ दौरे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब तक पिछले आठ सालों में 38 बार मथुरा और वृंदावन का दौरा कर चुके हैं. इस तरह वो उत्तर प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने इन पवित्र स्थानों का सबसे अधिक दौरा किया. योगी ने कहा कि उन्हें हर साल दो बार मथुरा आने का अवसर मिलता है. एक बार जन्माष्टमी के मौके पर और दूसरी बार बरसाना में रंगोत्सव के दौरान. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने तय किया है कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन और राधाकुंड को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.
डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा को बढ़ाने के लिए काम कर रही है. योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि मथुरा और वृंदावन को भी उसी तरह सजाया और संवारा जाएगा, जैसे आज अयोध्या और काशी को बदला गया है.