Yogi Rahul Manusmriti Row : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों और अपनी विरासत को भूल जाता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता। योगी ने आरोप लगाया कि देश में कुछ लोग भारत की परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
मनुस्मृति वाले बयान पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में राहुल गांधी का वह बयान पढ़ा, जिसमें महिलाओं से मनुस्मृति के बंधनों को तोड़ने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि राहुल गांधी से देश बहुत ज्यादा अपेक्षा नहीं करता, लेकिन नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनकी जिम्मेदारी जरूर बनती है। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने के बावजूद राहुल गांधी लगातार भारत की परंपराओं और विरासत पर सवाल उठाते हैं।
‘भारत और यूपी को बदनाम करते हैं’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर यूपी को बदनाम करते हैं और विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश की सेना जब सीमाओं पर लड़ती है तो राहुल गांधी सबूत मांगते हैं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी उनका रवैया सवालों के घेरे में रहा है।
अर्बन नक्सलियों का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में योगी ने राहुल गांधी पर और तीखा हमला बोलते हुए कहा, "क्यों आप अर्बन नक्सलियों के हाथों वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को खराब करना चाहते हैं? क्यों भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं? क्यों भारत के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं?" मुख्यमंत्री ने कहा कि देश राहुल गांधी से एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने की उम्मीद करता था, लेकिन उनके बयानों से लगातार विवाद खड़े हो रहे हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
दरअसल राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों पर बोलते हुए मनुस्मृति के उस कथित नियम की आलोचना की थी, जिसमें महिला को जीवनभर किसी न किसी पुरुष रिश्तेदार के संरक्षण में रहने की बात कही जाती है। राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाएं किसी की संपत्ति नहीं हैं और उन्हें अपने फैसले खुद लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इस सोच को आधुनिक समाज के लिए अनुचित बताया था।
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2027 से पहले वैचारिक टकराव तेज
राहुल गांधी के बयान और योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है। बीजेपी इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस इसे महिला अधिकारों और सामाजिक समानता का मुद्दा बता रही है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विचारधारा, संस्कृति और विरासत को लेकर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।