बिहार चुनाव 2025 में अगर किसी नेता ने सबसे बड़ा असर छोड़ा, तो वो थे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। चुनावी मैदान में उतरते ही योगी ने माहौल ऐसा गरमाया कि विरोधी देखते रह गए। लोग कहते थे बाहरी नेता बिहार में असर नहीं डाल पाएंगे लेकिन योगी की 31 रैलियों ने यह भ्रम सेकंडों में तोड़ दिया। आंकड़े बताते हैं कि जिन 31 सीटों पर योगी की रैलियां हुईं, उनमें से 27 सीटों पर NDA ने जीत दर्ज की, यानी 87% स्ट्राइक रेट रहा पहली बार बिहार के चुनाव में किसी बाहरी नेता ने इतना बड़ा प्रभाव दिखाया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा छा गई इस बार चुनाव योगी ने जिताया है
तीन शब्दों ने फोड़ा विपक्ष का नैरेटिव
सबसे बड़ा झटका विपक्ष को तब लगा जब योगी ने एक मंच से महागठबंधन के तीन बड़े चेहरों राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को ‘अप्पू, पप्पू और टप्पू’ कह दिया। ये तीन शब्द चुनाव का नैरेटिव पूरी तरह बदलने के लिए काफी थे। सोशल मीडिया पर तूफान आ गया, गांव-गांव चौपालों में बस वही चर्चा योगी ने खेल पलट दिया विपक्ष रोजगार और विकास की बात करना चाहता था, लेकिन योगी के इस वार के बाद पूरा कैंपेन इमोशनल और राजनीतिक टकराव में बदल गया। विपक्ष मुद्दों से भटक गया और NDA सीधे मतदाताओं की नब्ज पकड़ने में सफल रहा।
योगी की रैलियों में उमड़ी भीड़
योगी जहां भी रैली करने गए, वहां माहौल पहले से ही गर्म होता दिखाई दिया। युवाओं का जोश, महिलाओं का समर्थन और कानून-व्यवस्था पर योगी की छवि बिहार के वोटरों के दिल में उतर गई। यही वजह रही कि तेजस्वी का रोजगार वाला पूरा अभियान फुस्स पड़ गया। दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने बिहार में 25 रैलियां कीं, लेकिन उनमें से सिर्फ 4 सीटें ही जीतीं। खेसारी लाल यादव तक को वो नहीं जिता पाए। जबकि योगी के आने से उन सीटों पर भी NDA की जीत सुनिश्चित हुई जहां पहले टक्कर माना जा रहा था। यह साफ हुआ कि जनता ने योगी को “NDA का ब्रह्मास्त्र” मान लिया था।
योगी ने बदल दिया वोटिंग पैटर्न
योगी ने अपने भाषणों में जंगलराज, कट्टा राज और RJD शासन के पुराने दिनों को जिस तरह याद दिलाया, उसने वोटरों के मन में सीधा असर छोड़ा। लोग उस दौर को याद करके फिर से वैसी स्थिति नहीं चाहते थे और महिलाओं ने भारी संख्या में NDA के पक्ष में वोट दिया। सुरक्षा, विकास और सख़्त शासन की योगी-स्टाइल ने बिहार में पूरी तरह काम किया।