उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में बन रहे मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में यह विश्वविद्यालय 31 मई तक पूरी तरह तैयार हो जाना चाहिए। सीएम योगी ने निर्माण कार्य की प्रगति देखी और कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध काम पूरा करने को कहा।
ओलंपिक और कामनवेल्थ को ध्यान में रखकर बने पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं होगा, बल्कि यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि यहां का पाठ्यक्रम ऐसा बनाया जाए, जिससे ओलंपिक और कामनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े खेल आयोजनों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके। डिप्लोमा से लेकर रिसर्च तक की पढ़ाई की सुविधा देने की योजना है।
प्रदेश में बदली खेल संस्कृति की तस्वीर
मीडिया से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में खेलों को लेकर सोच बदली है। उत्तर प्रदेश में एक नई खेल संस्कृति का जन्म हुआ है। सरकार ने खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय बन रहा है।
मेरठ की पहचान खेल उद्योग से जुड़ी
सीएम योगी ने कहा कि मेरठ पहले से ही खेलों के लिए जाना जाता है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत मेरठ ने स्पोर्ट्स आइटम को अपनी पहचान बनाया है। अब उसी शहर में खेल विश्वविद्यालय बनने से स्थानीय युवाओं को बड़ा फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सरधना में गंग नहर के किनारे करीब 90 एकड़ में यह विश्वविद्यालय तैयार किया जा रहा है।
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भूमि विस्तार और निर्माण की समयसीमा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय को आगे और विस्तार देने के लिए 10 एकड़ अतिरिक्त जमीन भी दी जाएगी। पहले चरण का निर्माण कार्य मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद तेजी से बाकी काम भी पूरा किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मई तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
नए सत्र से अपने कैंपस में पढ़ाई की तैयारी
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि नया शैक्षणिक सत्र इसी कैंपस से शुरू हो। विश्वविद्यालय को वर्ल्ड क्लास बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हों। उन्होंने भरोसा जताया कि यह खेल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जाएगा।