उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अचानक वाराणसी पहुंच गए। उनका यह दौरा पहले से तय नहीं था। चंदौली में एक कार्यक्रम के बाद वे सीधे काशी आए। वाराणसी पहुंचते ही मुख्यमंत्री सबसे पहले काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन और आरती की। इसके बाद उनका मणिकर्णिका घाट जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। मुख्यमंत्री सीधे सर्किट हाउस चले गए, जहां उन्होंने अधिकारियों और मीडिया से बातचीत की।
मणिकर्णिका घाट विवाद बना दौरे की वजह
पिछले कई दिनों से काशी के अति प्राचीन मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्यों को लेकर विवाद चल रहा है। 9 जनवरी 2026 से घाट के विस्तारीकरण और नवीनीकरण का काम शुरू हुआ था। इसी दौरान एक पुराने चबूतरे के साथ राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और एक शिवलिंग के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई। टूटे हुए पत्थरों और मूर्तियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया।
कार्यक्रम रद्द होने से बढ़ी चर्चा
मणिकर्णिका घाट जाने का कार्यक्रम अचानक रद्द होने से सियासी चर्चाएं और तेज हो गईं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। हालांकि घाट पर न जाकर सीधे सर्किट हाउस पहुंचना कई सवाल खड़े कर गया। माना जा रहा है कि विवाद को लेकर स्थिति का आकलन करने और अधिकारियों से रिपोर्ट लेने के लिए ही मुख्यमंत्री काशी पहुंचे थे।
सीएम योगी बोले – काशी को बदनाम करने की साजिश
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि काशी को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग काशी के विकास में बाधा बनना चाहते हैं, इसलिए उन्हें खुद यहां आना पड़ा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए विकास किया जा रहा है।
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विकास कार्यों का गिनाया लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले काशी की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। गंगा का पानी आचमन और स्नान के योग्य नहीं था, घाटों की हालत खराब थी। आज गंगा घाट आकर्षक बन चुके हैं और श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि अब काशी विश्वनाथ धाम में एक साथ करीब 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं, जबकि पहले यह संख्या बहुत कम थी।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र पर खास फोकस
सीएम योगी ने कहा कि यह सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। उनके नेतृत्व में काशी के लिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। आज काशी में रोजाना एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और काशी देश की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान दे रही है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि विकास और विरासत दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।