पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी और स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि यह मुलाकात व्यक्तिगत और भावनात्मक थी, इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.
'सीएम ने बुलाया, इसलिए गया'
बृजभूषण ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री ने खुद बुलाया, इसलिए वो मिलने चले गए. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हमारे शुभचिंतक हैं. यह बात सच है कि पिछले 31 महीनों में हमारी कोई बातचीत नहीं हुई थी. लेकिन जब उन्होंने बुलाया तो मैं गया. इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.”
'राजनीति नहीं,पुरानी यादें ताज़ा हुईं'
पूर्व सांसद ने जोर देकर कहा कि इस मुलाकात में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. उन्होंने कहा, “यह मुलाकात ऐसी थी जैसे परिवार के दो सदस्य लंबे समय बाद मिलते हैं और अपने-अपने दुःख-दर्द साझा करते हैं. हमने पुरानी बातें कीं, एक-दूसरे की भावनाओं को समझा, लेकिन किसी व्यक्ति या राजनीति पर बात नहीं हुई.”
2023 जनवरी से बातचीत बंद थी
बृजभूषण ने बताया कि जनवरी 2023 उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट था. उसी समय उन पर एक बड़ा आरोप लगा था, जिसे लेकर उन्होंने खुद ही लड़ाई लड़ने का निश्चय किया था. उन्होंने कहा, “उस समय से मैंने तय कर लिया था कि यह लड़ाई मेरी अपनी है और मैं इसे बिना किसी मदद के खुद लड़ूंगा. इसलिए मैंने न तो सीएम से मिलने की कोशिश की और न ही कोई बातचीत की.”
बहरहाल बृजभूषण शरण सिंह की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह मुलाकात लंबे समय बाद हुई लेकिन उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ एक भावनात्मक और निजी बातचीत थी, जिसका राजनीति से कोई संबंध नहीं था. वो बोले कि पुराने रिश्तों और भावनाओं की कद्र करते हुए वो मिलने गए थे.