यूपी सरकार अग्निवीरों के लिए एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है, जो उन्हें सेना में सेवा देने के बाद सिविल सेवाओं में भी अवसर प्रदान करेगा. इससे न केवल अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि यूपी पुलिस और पीएसी को प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा. आइए जानते हैं इसके बारे में-
योगी सरकार ने भारतीय सेना के पूर्व अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सीएम योगी की अध्यक्षता में आज यानि मंगलवार को हो रही कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लेने की पूरी तैयारी है कि अग्निपथ योजना के तहत सेवा देने वाले अग्निवीरों को यूपी पुलिस और पीएसी की भर्ती में 20% आरक्षण दिया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्हें आयु सीमा में भी छूट मिले, जिससे वो अन्य उम्मीदवारों की तुलना में प्रतियोगिता में अधिक अनुकूल स्थिति में होंगे. यह निर्णय इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि अग्निवीरों का पहला बैच अगले साल यानी 2026 में रिटायर होगा और उनके लिए पुनः नियोजन के रास्ते खोलने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.
अग्निवीरों के लिए आरक्षण और आयु सीमा में छूट
सीएम योगी ने कहा कि अग्निवीरों को यूपी पुलिस और पीएसी की भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी. उनके लिए एक निश्चित आरक्षण की व्यवस्था होगी, जिससे वो सिविल सेवाओं में भी अपनी सेवाएं दे सकें. यह निर्णय पीएम मोदी के नेतृत्व में सेना में किए गए रिफॉर्म्स का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं.
अन्य राज्यों में भी अग्निवीरों के लिए आरक्षण
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, ओडिशा और गुजरात जैसे राज्यों ने भी अग्निवीरों के लिए पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में आरक्षण देने का ऐलान किया है. इन राज्यों में अग्निवीरों को पुलिस सेवा, पीएसी, वन रक्षक, जेल प्रहरी और अन्य पदों में प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही आयु सीमा में भी छूट प्रदान की जाएगी. यह कदम उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है जो सेना में सेवा देने के बाद नागरिक सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं.