उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को ताज पैलेस में यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 का आयोजन किया, जिसमें जापान से आए 200 से अधिक सीईओ, प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना था।
निवेशक-अनुकूल नीतियों की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, अश्विनी वैष्णव और प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय अवसंरचना, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, औद्योगिक पार्क और निवेशक-अनुकूल नीतियों की सराहना की।
500 एकड़ में ‘जापानी सिटी’
उन्होंने कहा कि यूपी अब देश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है।मुख्यमंत्री ने यमुना प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-5ए में करीब 500 एकड़ में ‘जापानी सिटी’ विकसित करने की घोषणा की। यह जापानी उद्योगों, व्यवसायों और नागरिकों के लिए समर्पित औद्योगिक-आवासीय परिसर होगा।
2,029 करोड़ रुपये के निवेश
उन्होंने जापानी कंपनियों को पूरे प्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया।सम्मेलन में दो बड़ी परियोजनाओं का वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग भी हुआ। एस्कॉर्ट्स कुबोटा को सेक्टर-10 में 154 एकड़ भूमि पर 2,029 करोड़ रुपये के निवेश से ट्रैक्टर विनिर्माण इकाई लगाने की अनुमति दी गई, जिससे 4,000 रोजगार और सालाना 60,000 ट्रैक्टर उत्पादन होगा। स्पार्क मिंडा समूह को सेक्टर-10 व 24 में 1,166 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए भूमि दी गई, जिससे 6,440 रोजगार और सालाना 20 लाख यूनिट ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में जापानी निवेश को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। सम्मेलन ने भारत-जापान सहयोग को नई ऊर्जा दी और उत्तर प्रदेश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।