
लखनऊ । प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों को चालू पेराई सत्र में एक बडा तोहफा दिया है । इस बार के पेराई सत्र के लिए किसानों को किये जाने वाले गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की दर से बढोत्तरी की गई है। गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य यानि एसएपी प्रदेश सरकार ही तय करती है।
यह जानकारी बुधवार की सुबह यहां लोकभवन के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश के गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मीनाराण ने दी। उन्होंने बताया कि इस बार अगैती प्रजाति के गन्ने का किसानों को 400 रुपये प्रति कुंतल की दर से भुगतान किया जाएगा। जबकि सामान्य प्रजाति के गन्ने का 390 रुपये प्रति कुंतल के भाव से भुगतान मिलेगा।
तीन हजार करोड़ का होगा अतिरिक्त भुगतान
गन्ना मंत्री ने बताया कि इस फैसले से किसानों को तीन हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान होगा। योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में लगातार बढ़ोतरी की है। 2017 से अब तक चार बार गन्ने का समर्थन मूल्य बढाया गया है । गन्ना क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गन्ने का रकबा20 लाख हेक्टेअर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है।
रिकॉर्ड भुगतान का दावा
गन्ना मंत्री ने बताया कि पिछले साढे आठ वर्षों में गन्ना किसानों को 2,90,225 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया । जबकि वर्ष 2007 से 2017 तक मात्र 1,47,346 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान पिछली सपा बसपा सरकारों के कार्यकाल में हुआ था । पिछली सरकारों के 10 वर्षों की तुलना में 1,42,879 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान योगी सरकार में हुआ।
पहले की सरकारों पर बरसे मंत्री
चौधरी ने आराप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने चीनी उद्योग को भारी क्षति पहुंचाई थी । 21 मिलें औने-पौने दामों पर बेची गईं। योगी सरकार के पारदर्शी प्रबंधन से उद्योग में 12,000 करोड़ का निवेश आया ।
एथेनॉल उत्पादन में यूपी नंबर वन
गन्ना मंत्री ने कहा कि क्षेत्रफल, गन्ना सट्टा, गन्ना कलेण्डरिंग एवं गन्ना पर्ची की ऑनलाइन व्यवस्था के लिए सेंट्रलाइज्ड वेब-बेस्ड "स्मार्ट गन्ना किसान" प्रणाली विकसित की गई । एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में कुल 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर एथेनाल का उत्पादन हुआ है । डिस्टलरियां 61 से बढ़कर 97 हो गयी हैं।