उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल का ‘मास्टर प्लान’ तैयार कर लिया है. इसमें अपर मुख्य सचिव से लेकर मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों तक के तबादले की संभावनाएं जताई जा रही हैं. इस बदलाव के जरिए सरकार प्रशासन को अधिक चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाने की कोशिश में जुटी है.
वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की कमी
फिलहाल राज्य में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की संख्या सीमित है, जिसके चलते कई अधिकारियों को एक साथ कई विभागों की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं. ऐसे में जल्द ही प्रशासनिक ढांचे में नई नियुक्तियों और फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं. कई नए चेहरे सिस्टम में शामिल हो सकते हैं, जबकि कुछ अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं.
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की सेवा विस्तार पर मंथन
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं. ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें सेवा विस्तार दिया जा सकता है. हालांकि इस पद के लिए नए नामों की भी चर्चा जोरों पर है. एसपी गोयल, देवेश चतुर्वेदी और दीपक कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम मुख्य सचिव की रेस में आगे चल रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बाबत जल्द ही केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा.
कई विभागों में बदलाव की तैयारी
प्रशासनिक फेरबदल के तहत कृषि उत्पादन आयुक्त पद पर भी बदलाव किया गया है. मोनिका एस. गर्ग के रिटायर होने के बाद दीपक कुमार को यह जिम्मेदारी दी गई है. उनके पास पहले से अपर मुख्य सचिव वित्त, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग का प्रभार भी है.
इसी तरह 1990 बैच के आईएएस अधिकारी जितेंद्र कुमार भी 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. वह पुनर्गठन समन्वय, भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण, और हिन्दी संस्थान के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हैं. उनके रिटायरमेंट के बाद इन विभागों में स्थायी तैनाती या अतिरिक्त प्रभार के जरिए व्यवस्था बनाई जाएगी.
मंडलों में भेजे जा सकते हैं वरिष्ठ अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, शासन स्तर पर कुछ अधिकारियों को मंडलायुक्त के रूप में भी भेजा जा सकता है. इसके अलावा जिलों में तैनात कई डीएम और मंडलायुक्तों की परफॉर्मेंस की समीक्षा के बाद उनके स्थानांतरण की संभावना है. यह बदलाव न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, बल्कि आगामी पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का भी हिस्सा माना जा रहा है.
योगी सरकार की इस तैयारी के जरिए शासन-प्रशासन को ज्यादा प्रभावी, उत्तरदायी और जन-हितैषी बनाने का प्रयास किया जा रहा है. आने वाले दिनों में यूपी की नौकरशाही में कई अहम चेहरों की अदला-बदली देखने को मिल सकती है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार मिलेगा या राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा.