इन दिनों योगी एक के बाद एक बड़े और कड़े फैसले ले रहे हैं, योगी ने हाल ही में इतने जरूरतमंदों की मदद की. चाहे बेटी की शादी का खर्च हो या किसी गरीब के इलाज का बोझ, योगी सरकार ने हर जरूरतमंद का साथ दिया. सिर्फ 43 दिनों में 8,180 लोगों को 153.45 करोड़ रुपये की मदद पहुंचाई. कैंसर जैसे महंगे इलाज से लेकर बेटी की शादी तक, योगी ने हर मौके पर गरीबों का हाथ थामा. जिसके बाद लोगों ने भी कहा कि योगी बाबा ने जो वादा किया, उसे पूरा करके दिखाया, लेकिन इस बीच योगी ने बच्चों का बचपन सुधारने का भी प्रण लिया है.
बच्चों का बचपन संवारेगी योगी सरकार
खबरों की मानें तो योगी सरकार ने बाल श्रम के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरु कर 2027 तक राज्य को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया है. सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक ये लक्ष्य तय करते हुए सरकार ने बहुआयामी योजनाओं को जमीन पर उतार दिया है. जागरूकता से लेकर शिक्षा और पुनर्वास तक, हर स्तर पर ठोस प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि बचपन को मजबूरी नहीं, अवसर मिल सके.
योगी के फैसले से हर गरीब मां-बाप खुश
ऐसा बताया जा रहा है कि सरकार ने बाल श्रम की रोकथाम के लिए 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के माध्यम से विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने का फैसला लिया है. इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को ये संदेश भी दिया जाएगा कि बच्चों का स्थान केवल स्कूल में है, श्रम में नहीं. इसके लिए प्रदेश के विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वय बनाकर जागरुकता अभियान को धार दी जाएगी. योगी के इस फैसले से न सिर्फ मां-बाप खुश है, बल्कि बच्चों का भविष्य भी अब इस फैसले से सुरक्षित होगा.