लखनऊ। प्रदेश सरकार ने भवन विकास उपविधि में महत्वपूर्ण संशोधन कर शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। अब 100 वर्ग मीटर तक की फुटकर, रिटेल दुकानें, मोबाइल स्टोर, कैंटीन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानें मात्र 9 मीटर चौड़ी सड़क पर भी खोली जा सकेंगी।
वेयर हाउसिंग को उद्योग का दर्जा
प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद द्वारा जारी अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया है। पहले 24 मीटर चौड़ी सड़क की अनिवार्यता के कारण छोटे व्यापारी काफी परेशान थे। सरकार ने इस समस्या को दूर करते हुए शॉपिंग मॉल के लिए 18 मीटर, जबकि शॉपिंग सेंटर और मिनीप्लेक्स के लिए 12 मीटर सड़क की न्यूनतम चौड़ाई तय की है। संशोधन के तहत वेयर हाउसिंग को उद्योग का दर्जा दे दिया गया है।
होटल क्षेत्र को भी राहत
अब कृषि भूमि उपयोग वाले क्षेत्रों में भी 7 मीटर सड़क पर औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। इसके अलावा फार्महाउस में 20 प्रतिशत गैर-कृषि गतिविधियां और डेरी फार्म पर 20 प्रतिशत भू-आच्छादन की अनुमति भी 7 मीटर सड़क पर मिल गई है। होटल क्षेत्र को भी राहत प्रदान की गई है। 20 करोड़ रुपये तक के बजट वाले होटल, हेरिटेज होटल और टेंट आवास अब 9 मीटर सड़क पर स्थापित किए जा सकेंगे। वहीं बड़े होटल, रिसॉर्ट और वेलनेस सेंटर के लिए 12 मीटर सड़क की जरूरत होगी।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से न सिर्फ छोटे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि लॉजिस्टिक्स, पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह फैसला ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति देने वाला साबित होगा। छोटे उद्यमियों और निवेशकों के लिए यह एक स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।