Yogi Governments Decisions for Women: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ उनके लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया है। सरकार के इस फैसले को महिला सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के पोषण व देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके मानदेय और सुविधाओं में बढ़ोतरी को उनके श्रम के सम्मान के रूप में पेश किया गया है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ा
सरकार के मुताबिक, वर्ष 2017 में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर आठ हजार रुपये किया गया। अब यह राशि बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी गई है। इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़कर पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की है। उनके परिवार को भी हर वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
रसोइया बहनों के लिए भी बढ़ीं सुविधाएं
महिला श्रमिकों से जुड़े दूसरे फैसलों का भी सरकार ने उल्लेख किया है। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की करीब 3.54 लाख रसोइया महिलाओं के मानदेय को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार रुपये किया गया। दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की सहायता और हर वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की बात कही गई है। इसके साथ ही परिधान के लिए मिलने वाली राशि को भी 500 से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना है।
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बुजुर्ग महिलाओं और छात्राओं पर भी फोकस
सरकार ने महिलाओं की सुविधा और गतिशीलता से जुड़े कदम भी गिनाए हैं। लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई है। वहीं स्नातक की पढ़ाई कर रही 50 हजार छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी देने की योजना का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा 40.34 लाख निराश्रित महिलाओं को पेंशन मिलने और पेंशन राशि को 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने का दावा किया गया है।
लखपति दीदी से आर्थिक आत्मनिर्भरता तक
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए चल रही योजनाओं को भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया गया है। सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत 22 लाख से अधिक गर्भवती और धात्री महिलाओं को हर महीने राशन उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं लखपति दीदी योजना के तहत 18.55 लाख से अधिक महिलाओं के लखपति बनने का दावा किया गया है। इसके अलावा बीसी सखियों और विद्युत सखियों के जरिए महिलाओं की वित्तीय गतिविधियों में भागीदारी बढ़ी है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देने तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।