मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब उत्तर प्रदेश में रहने वाले बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं को उनकी आस्था के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर जाने के लिए ₹10,000 तक का आर्थिक सहयोग दिया जाएगा. इसमें दो नई योजनाएँ शामिल हैं — बौद्ध यात्रियों के लिए ‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ और सिख यात्रियों के लिए ‘पंच तख्त यात्रा योजना’, जो पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन पर आधारित होंगी. IRCTC के साथ साझेदारी में यह योजना कमजोर आय वर्ग के लोगों को प्राथमिकता देकर धार्मिक यात्राओं को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखती है. यह कदम न केवल “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को बल देगा, बल्कि धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक पर्यटन को भी एक नया आयाम देगा. श्रद्धालुओं को पूरा यात्रा खर्च मिलने से उनकी आस्था साकार होगी और इससे प्रदेश में समावेशी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
कौन‑सी हैं योजनाएं?
1. बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना
प्रदेश के बौद्ध श्रद्धालुओं को देशभर के प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थलों पर ले जाना इसका उद्देश्य है. इसमें बौद्ध भिक्षुओं को पहला मौका मिलेगा.
2. पंच तख्त यात्रा योजना
इसका उद्देश्य सिख श्रद्धालुओं को भारत के पांच पवित्र तख्त साहिब स्थलों की यात्रा कराना है -
श्री आनंदपुर साहिब (पंजाब)
श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर
श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो
तख्त सचखंड हजूर साहिब, नांदेड़
श्री हरमंदिर जी (पटना साहिब)
अनुदान और लाभार्थी चयन
अधिकतम ₹10,000 प्रति व्यक्ति आर्थिक सहायता मिलेगी.
ऑनलाइन आवेदन प्रणाली से पारदर्शिता बरती जाएगी.
कमजोर आय वर्ग वालों को वरीयता दी जाएगी.
योजना का संचालन IRCTC के सहयोग से होगा.
योजना की पात्रता
उत्तर प्रदेश में स्थायी रूप से रहने वाले बौद्ध या सिख श्रद्धालु ही आवेदन कर सकते हैं.
बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना में बौद्ध भिक्षुओं को खास प्राथमिकता मिलती है, लेकिन अन्य हिन्दू और बौद्ध श्रद्धालु भी आवेदन कर सकते हैं.
पंच तख्त यात्रा योजना केवल सिख श्रद्धालुओं के लिए है, जो पाँच प्रमुख तख्त साहिब स्थलों की यात्रा का हिस्सा होंगे.
कमजोर आय वर्ग (कम आय या आर्थिक रूप से पिछड़ा) श्रेणी के लोगों को वरीयता दी जाएगी.
आवेदन शुल्क क्या होगा?
इसके लिए फिलहाल कोई आवेदन शुल्क नहीं बताया गया है.
स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा और पारदर्शिता बरती जाएगी.
चूंकि राशि सहायता के रूप में दी जा रही है, इसलिए कोई शुल्क नहीं लगता. यदि कोई बैंक या IRCTC से जुड़ी मामूली फीस लगी, तो वह भी ऑनलाइन और स्पष्ट तौर पर बताई जाएगी.
आवेदन प्रक्रिया क्या होगी?
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी जाएगी. आवेदन, दस्तावेज अपलोडिंग, चयन आदि डिजिटल माध्यम से होंगे.
संचालन और व्यवस्थापन में IRCTC की मदद ली जाएगी.
चयन की पारदर्शिता के लिए सॉफ्टवेयर आधारित वेरिफिकेशन होगा, जिससे सबकी सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ यात्राएँ भारतीय संस्कृति में आत्मिक उन्नति और सामजिक समरसता का माध्यम रही हैं, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इसे आसान बनाए . यह पहल “सबका साथ, सबका विकास” की नीति को ज़मीन पर उतारेगी, साथ ही राज्य में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक पर्यटन को नए आयाम देगी. वित्तीय मदद मिलने से गरीब श्रद्धालुओं की आस्था यात्रा साकार होगी. सरकार के इस कदम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पहचान बनेगी कि सिख-बौद्ध समुदाय को भी केंद्रित रूप से देखा जा रहा है.