गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। नारी सम्मान और युवा स्वाभिमान की थीम वाले मंच पर उन्होंने अंसारी के बयान को भारत, भारतीयता और संस्कृति के लिए “डरावना” बताया तथा राहुल गांधी के हालिया आचरण को पूरी नारी शक्ति का अपमान करार दिया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने भी संबोधित किया। आयोजन प्रेरणा शोध संस्थान न्यास, प्रेरणा विमर्श आयोजन समिति और गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन संयोजक श्याम किशोर सहाय और सचिव मोनिका चौहान ने किया। विश्वविद्यालय के कुलपति एवं आयोजन संरक्षक प्रो. राणा प्रताप सिंह भी आयोजन से जुड़े रहे। एक दिन पहले हुए नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ में विशिष्ट अतिथि अरुणा सिंह रहीं। आयोजकों की ओर से नीरज कौशिक ने भी कार्यक्रम की जानकारी दी थी।
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान को बताया डरावना
योगी ने कहा कि संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से पद की मर्यादा के अनुरूप आचरण अपेक्षित है, लेकिन कुछ लोगों की फितरत इसके विपरीत हो गई है। अंसारी के हालिया वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अर्धसत्य से भारत की छवि खराब की जा रही है और ‘एंटी इंडिया’ एजेंडे को बढ़ावा मिल रहा है। उनके अनुसार ऐसे बयानों से सनातन व हिंदू परंपरा को अपमानित करने की कोशिश हुई है।
भ्रम फैलाकर अराजकता का एजेंडा चला रहे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र किया और कहा कि “कांग्रेस के युवराज ने भी कल अपने झूठ की गूंज में जिस प्रकार का आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल भ्रम फैलाकर अराजकता का एजेंडा चला रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने नारी सम्मान को राजनीतिक जवाब बनाते हुए कहा कि संकरी जगह पर भी पहले बुजुर्ग, महिला और बड़े व्यक्ति को रास्ता दिया जाता है। “पहले आप” न सीखने वालों से वसुधैव कुटुंबकम समझने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसी मंच पर योगी ने ‘प्रेरणा विचार’ और ‘केशव संवाद’ पत्रिकाओं का विमोचन किया।
तीन नई महिला पीएसी बटालियन बन रही
उन्होंने सनातन परंपरा को भारत की आत्मा बताया तथा दावा किया कि महिला पुलिस बल 10 हजार से बढ़कर 44 हजार हो गया है, क्रांतिकारी महिलाओं के नाम पर तीन नई महिला पीएसी बटालियन बन रही हैं, साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और 65 लाख लोगों को आवास मिल चुका है। समापन समारोह में बड़ी संख्या में युवा, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। इनमे स्वांत रंजन, कृपाशंकर, प्रो. राणा प्रताप सिंह, श्याम किशोर सहाय, मोनिका चौहान, अनिल कुमार त्यागी और अरुणा सिंह का उल्लेख रहा।