उधर सपा चीफ अखिलेश यादव चुनावी बिसात बिछाते रहे इधर योगी ने ऐसा खेला किया है जिसके बाद पूरा सूबा योगी के फैसले से गदगद हो उठा है, योगी ने न सिर्फ हर जरूरतमंद की मदद की बल्कि बच्चों के बचपन को भी सुधारने का प्रण कर लिया है, जिसने एक ही झटके में विपक्षी नेताओं की नींद उड़ा दी है, क्योंकि योगी ने एक के बाद एक ऐसे बड़े फैसले 2027 चुनाव से पहले लिए है जिसने मोदी-शाह की भी टेंशन को दूर कर दिया है, वहीं अखिलेश की सियासी चाल पर भी नहले पर दहला मारा है.
2027 चुनाव से पहले योगी ने चला ब्रह्मास्त्र
दरअसल जिस जाटलैंड में 2027 चुनाव को लेकर अखिलेश यादव अपनी पकड़ बनाने में लगे हैं, आए दिन बैठकें कर रहे हैं, उसी जाटलैंड के मेरठ शहर के लिए योगी सरकार ने खजाना खोल दिया है, जिससे मेरठ वासियों की हर एक प्रॉब्लम का समाधान एक झटके में हो जाएगा, कहा जाता है कि मेरठ की जनता लंबे समय से ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित इन्फ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है लेकिन अब योगी ने इस शहर को एक नई पहचान देने का फैसला किया है. उनकी 15,000 करोड़ की मेगा योजना के तहत मेरठ को स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. इस योजना में कुल 93 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, 2027 के चुनावों से पहले इस योजना को लागू करना योगी का ब्रह्मास्त्र माना जा रहा है. अगर मेरठ स्मार्ट सिटी बन गया, और यहाँ की जनता, खासकर मुस्लिम समुदाय, योगी के काम से खुश हुआ, तो ये 2027 में उनकी सत्ता में वापसी का रास्ता साफ कर सकता है, जो अखिलेश के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा.
गरीब बच्चों के परिवारों की मदद
वहीं योगी ने बच्चों के बचपन को सुधारने का प्रण लिया है, रिपोर्ट्स की मानें तो योगी सरकार ने बाल श्रम के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरु कर 2027 तक राज्य को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया है, जिससे बच्चों का भविष्य सुधर सकेगा, बता दें 2017-18 से 2024-25 तक 12,426 बाल श्रमिकों का एजुकेशन की ओर लाया गया है ताकि ये बच्चे विद्यालय में जाकर एक नई शुरुआत कर सकें. यही नहीं, इन बच्चों के परिवारों को भी सरकार ने अकेला नहीं छोड़ा. ऐसे 1,089 परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई, ताकि वे मजबूरी वश अपने बच्चों से काम न करवाएं.
'बचपन से बड़ा कोई भविष्य नहीं होता'
इसके साथ ही योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ के तहत 2,000 कामकाजी बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया गया है और उन्हें आर्थिक सहायता भी दी गई, जिससे उनके पढ़ाई के रास्ते में कोई बाधा न आए. ये योजना न केवल शिक्षा को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण को भी बदलने का काम कर रही है. बता दें योगी का स्पष्ट निर्देश हैं कि बचपन से बड़ा कोई भविष्य नहीं होता, और बच्चों से बड़ा कोई निवेश नहीं. इसी सोच के तहत सरकार हर बच्चे को बाल श्रम से मुक्त कर रही है और उनका भविष्य सुधार रही है, इन दोनों कामों से योगी ने सबका दिल जीत लिया है